नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हर साल की तरह इस साल भी 21 सितंबर, रविवार को सर्वपितृ अमावस्या का पावन दिन आने वाला है। यह दिन उन सभी पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए समर्पित होता है, जिनकी देहांत तिथि ज्ञात नहीं होती। खास बात यह है कि इस बार इसी दिन साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी होगा, जो इस दिन को और भी आध्यात्मिक रूप से महत्व देता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन तुलसी से जुड़े विशेष उपाय करने से न सिर्फ पितृ दोष का प्रभाव कम होता है, बल्कि घर-परिवार में खुशहाली और धन-समृद्धि के रास्ते खुलते हैं। आइए जानते हैं वे खास उपाय जिनसे आप अपने जीवन में बदलाव ला सकते हैं।
1. पीले धागे में छुपा है समृद्धि का मंत्र
सर्वपितृ अमावस्या पर पीले रंग का धागा या लाल कलावा लेकर उसमें 108 गांठें लगाएं और इसे तुलसी के पौधे के पास बांध दें। ऐसा करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आपके परिवार में आर्थिक संकट धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं। कहते हैं, ये धागा आपके जीवन में धन की बहार लाने का काम करता है।
2. तुलसी के आसपास जलते दीपक से बनाएं शुभ आशीर्वाद
अमावस्या के दिन तुलसी पर जल चढ़ाना या पत्ते तोड़ना अशुभ माना जाता है, लेकिन शाम के वक्त तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं और उसकी 7 या 11 बार परिक्रमा करें। इस अनोखे उपाय से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
3. लाल चुनरी से बढ़ाएं पारिवारिक सौहार्द
तुलसी माता को लाल रंग की चुनरी अर्पित करना इस दिन का विशेष महत्व है। यह न सिर्फ दांपत्य जीवन में मधुरता लाता है, बल्कि घर में शांति, समृद्धि और तरक्की के द्वार खोलता है।सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और वे अपने वंशजों को लंबी आयु, सुख-शांति और आर्थिक संपन्नता का आशीर्वाद देते हैं।
21 सितंबर, रविवार को इस वर्ष सर्वपितृ अमावस्या पड़ रही है, जो पितृपक्ष का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। खास बात यह है कि इस दिन साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी घटित होगा, जिससे इस तिथि का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया है।
क्या है सर्वपितृ अमावस्या का महत्व?
सर्वपितृ अमावस्या वह विशेष तिथि होती है जब उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती। यही कारण है कि इस दिन देशभर में लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए श्राद्ध कर्म पितृलोक तक सीधा पहुंचते हैं, जिससे पितर प्रसन्न होकर अपने वंशजों को आयु, स्वास्थ्य, संतान सुख और धन-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
तुलसी के ये उपाय बदल सकते हैं किस्मत
हिंदू धर्म में तुलसी को माता का स्थान प्राप्त है और इसे पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि सर्वपितृ अमावस्या के दिन तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से पितृ दोष शांत होता है और घर में सुख-शांति का वास होता है।
तुलसी से जुड़े शुभ उपाय
तुलसी में दीपक जलाएं – अमावस्या की रात तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पितर तृप्त होते हैं।
तुलसी पत्र से तर्पण करें – तर्पण करते समय जल में तुलसी दल मिलाकर पितरों को अर्पित करें। यह उन्हें शांति प्रदान करता है। तुलसी की पूजा कर पितरों का स्मरण करें – तुलसी की विधिपूर्वक पूजा करें और अपने पितरों से आशीर्वाद की प्रार्थना करें।
भोग में तुलसी का उपयोग – पितरों के लिए बनाए गए भोग में तुलसी पत्र जरूर डालें, इससे भोग पवित्र होता है।
क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य?
ज्योतिष के अनुसार, इस बार सर्वपितृ अमावस्या पर ग्रहों की स्थिति विशेष है, और सूर्य ग्रहण भी इसी दिन पड़ने से यह तिथि अत्यंत फलदायी मानी जा रही है। तुलसी से जुड़ा कोई भी उपाय इस दिन दोगुना फल देने वाला सिद्ध हो सकता है।
यदि आप भी चाहते हैं अपने पितरों का आशीर्वाद, घर में सुख-शांति और धन-समृद्धि का वास, तो इस सर्वपितृ अमावस्या पर श्रद्धा से श्राद्ध और तुलसी उपाय जरूर अपनाएं। यह दिन आपकी किस्मत की दिशा बदल सकता है।





