नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म में कई तिथि त्योहार मनाए जाते हैं उनमें से एक है मौनी अमावस्या। इस दिन आप गंगा में स्नान करके विशेष फल की प्राप्ति कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि मौनी अमावस्या के दिन प्रातः काल उठकर बिना बोले मौन धारण किए हुए जो जातक गंगा में स्नान करते हैं। उनका भाग्य परिवर्तन हो जाता है और चारों तरफ से सफलता प्राप्त होने लगती है। वहीं प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में अगर आप मौनी अमावस्या के दिन स्नान करते हैं तो इसका आपको और ज्यादा फल प्राप्त होगा।
मौनी अमावस्या के दिन इस प्रकार करें पूजा
मौनी अमावस्या के दिन आपको प्रातः काल उठकर स्थान करना चाहिए। अगर आप गंगा नदी में स्नान नहीं कर पा रहे हैं तब आपको घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। ऐसा करने के बाद आप भगवान विष्णु को स्मरण करके उनकी पूजा अर्चना करें। इस दिन पीला वस्त्र धारण करें क्योंकि वे भगवान विष्णु को अधिक प्रिय हैं। विष्णु भगवान की पूजा करने के साथ-साथ आज के दिन आप पीपल के पेड़ की भी पूजा करें उसके समक्ष दीपक जलाएं। इससे आपके घर में सुख समृद्धि बनी रहेगी।
मौनी अमावस्या शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 28 जनवरी को शाम 7 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 29 जनवरी को शाम 6 बजकर 5 मिनट पर होगा। ब्रह्म मुहूर्त- 29 जनवरी को सुबह 05 बजकर 25 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 18 मिनट तक और प्रातः सन्ध्या- 29 जनवरी को सुबह 05 बजकर 51 मिनट से 07 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।
मौनी अमावस्या पर करें ये काम
मौनी अमावस्या की दिन गंगा नदी में स्नान करने के बाद दान करना भी बहुत जरूरी होता है। ऐसा माना जाता है कि दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही मौनी अमावस्या के दिन गंगाजल में हल्दी मिलाकर आपको अपने घर के मुख्य द्वार पर छिड़कना चाहिए। ऐसा करने से आपके घर की शुद्धता बनी रहती है और सकारात्मक का वास होता है। इसके कारण कोई भी बुरी शक्ति आपके घर में प्रवेश नहीं करती है। और आपको चारों तरफ से बरकत और सफलता प्राप्त होती रहती है।





