back to top
31.1 C
New Delhi
Wednesday, April 1, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Magh Mela 2026: मकर संक्रांति पर महास्नान का पावन अवसर, कब करें स्नान?

प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 के दौरान मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का विशेष पुण्य योग बन रहा है। सूर्य के उत्तरायण होने से यह दिन स्नान, दान और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। प्रयागराज का विश्व प्रसिद्ध माघ मेला इस वर्ष कुल 45 दिनों तक चलेगा। माघ मेले का दूसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण स्नान मकर संक्रांति के अवसर पर होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण होते हैं। इसे देवताओं का काल माना गया है, इसलिए इस दिन किया गया गंगा स्नान हजारों यज्ञों के समान फल देने वाला माना जाता है। माघ मेले में मकर संक्रांति स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

एक करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार पौष पूर्णिमा के अवसर पर संगम में 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी। वहीं मकर संक्रांति के दिन करीब एक करोड़ श्रद्धालुओं के संगम पहुंचने का अनुमान है। इस वर्ष मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का संयोग भी बन रहा है, जिससे स्नान और दान का पुण्य और अधिक बढ़ जाता है।

मकर संक्रांति स्नान का शुभ मुहूर्त

धार्मिक पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति पर विशेष पुण्यकाल दोपहर 3:13 बजे से शाम 5:20 बजे तक रहेगा। इस दौरान किया गया स्नान, दान और पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है। वहीं ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का भी विशेष महत्व है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:51 बजे से 5:44 बजे तक रहेगा, जिसे ध्यान, जप और गंगा स्नान के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है।

क्यों खास है मकर संक्रांति का स्नान

मकर संक्रांति का स्नान केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है, मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। स्नान के साथ दान, पूजा और भजन-कीर्तन करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।

माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व

माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा (3 जनवरी 2026) से होती है। इसके बाद मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या (18 जनवरी 2026), माघी पूर्णिमा (17 जनवरी 2026) और अंत में महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) पर प्रमुख स्नान होते हैं। महाशिवरात्रि के दिन माघ मेले का समापन होता है और इस स्नान को मोक्षदायी माना गया है।

आस्था और आध्यात्म का महासंगम

माघ मेले में मकर संक्रांति का स्नान श्रद्धालुओं के लिए नए आरंभ, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। यही कारण है कि हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

Panchayat Season 5 की कहानी से हटा पर्दा, जानिए इस सीजन में क्या होगा सचिव जी का हाल

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्राइम वीडियो ने लोकप्रिय वेब...

Vaibhav Sooryavanshi की टीम इंडिया में एंट्री पर अश्विन का ब्रेक: ”जरा ठहरो, वक्त आने दो”

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। IPL 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन कर...

पवन सिंह को मिलेगा मेहनत का फल: BJP में कौन सा मिलेगा पद मनोज तिवारी किया साफ, बोले- पार्टी जल्द दे सकती है…

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भोजपुरी इंडस्ट्री के पावरस्टार पवन सिंह...

Chandigarh Blast: चंडीगढ़ में पंजाब BJP ऑफिस के बाहर धमाका, पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी दफ्तर के...

Oracle Layoff: 30 हजार कर्मचारियों की नौकरी गई, भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका की दिग्गज आईटी कंपनी Oracle...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵