back to top
30.1 C
New Delhi
Monday, April 6, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Karwa Chauth 2025: पहली बार रख रही हैं करवा चौथ का व्रत? जानें नियम, विधि और जरूरी सावधानियां

करवा चौथ 2025 में पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं को सरगी से लेकर चंद्रोदय तक की विधियों और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। यह व्रत पति की लंबी उम्र और सुहाग की रक्षा के लिए किया जाता है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । करवा चौथ 2025 सुहागिनों के लिए साल का सबसे खास व्रत करवा चौथ इस साल 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पति की लंबी उम्र, सौभाग्य और दांपत्य सुख की कामना से रखा जाने वाला यह व्रत उत्तर भारत की परंपरा में गहरी आस्था के साथ जुड़ा है। खास बात ये कि इस बार बहुत-सी नवविवाहित महिलाएं पहली बार व्रत रखेंगी, ऐसे में सही नियमों को जानना बेहद जरूरी है।

करवा चौथ का व्रत निर्जल उपवास होता है, जिसमें सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक न जल ग्रहण किया जाता है, न अन्न। इस कठिन तपस्या में शामिल हैं पूजन विधि, कथा श्रवण और परंपरागत श्रृंगार। आइए जानते हैं वो जरूरी बातें जो पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं को अवश्य जाननी चाहिए। 

 व्रत की शुरुआत होती है ‘सरगी’ से

करवा चौथ का दिन सूर्योदय से पहले सास के हाथों से मिली सरगी खाकर शुरू होता है। इस थाली में फल, मिठाई, मेवे, मिठी मठरी, नमकीन मठरी और सुहाग का सामान शामिल होता है। सरगी सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि एक सास की आशीर्वाद-रूपी सौगात होती है, जो दिनभर ऊर्जा बनाए रखती है।

 करें 16 श्रृंगार और धारण करें शुभ रंग

व्रत के दिन लाल, गुलाबी या मेहरून रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। परंपरागत रूप से महिलाएं 16 श्रृंगार करती हैं जिसमें सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, मेहंदी, मांग टीका, नथ इत्यादि शामिल हैं। यह श्रृंगार सिर्फ सौंदर्य नहीं, बल्कि सुहाग की अमिट छवि का प्रतीक होता है।

 कथा सुनना न भूलें’

शाम के समय महिलाएं एकत्र होकर करवा चौथ की कथा सुनती हैं। इसमें माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी, कार्तिकेय और चंद्रमा की पूजा का विधान होता है। मान्यता है कि कथा श्रवण से व्रत पूर्ण होता है और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

 चंद्रोदय के बाद होता है व्रत पारण

रात को चंद्रमा दर्शन के बाद पति की पूजा की जाती है। महिलाएं छलनी से चंद्र दर्शन कर उसी छलनी से पति को देखती हैं, फिर उनके हाथों से जल और मिठाई ग्रहण कर व्रत खोलती हैं। यह क्षण पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का सबसे पवित्र प्रतीक माना जाता है।

 इन बातों का रखें विशेष ध्यान

 बिना सरगी के न रखें व्रत

सरगी न खाने से शरीर में ऊर्जा की कमी हो सकती है, जिससे व्रत करना कठिन हो जाता है।

 व्रत में जल या भोजन का सेवन न करें

यह व्रत पूर्णत: निर्जल होता है। बीच में कुछ भी खाने-पीने से व्रत का महत्व समाप्त हो सकता है।

 काले-सफेद रंग से करें परहेज

इन रंगों को अशुभ माना गया है। शुभता के लिए चमकीले और सकारात्मकता से भरे रंग पहनें।

Advertisementspot_img

Also Read:

Holika Dahan पर ग्रहण का साया? नोट कर लें होली मनाने की सही तारीख

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इस बार होली के पर्व को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वजह है फाल्गुन पूर्णिमा के...
spot_img

Latest Stories

असम में PM मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- शाही परिवार की हार की लगेगी सेंचुरी

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। असम में विधानसभा चुनाव नजदीक आते...

छत्तीसगढ़ के पूर्व CM अजीत जोगी के बेटे Amit Jogi को आजीवन कारावास की सजा, जग्गी हत्याकांड के हैं दोषी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। छत्तीसगढ़ के चर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड...

KKR vs PBKS: ईडन गार्डन्स की पिच पर बरसेंगे रन या चलेगा गेंदबाजों का जादू?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आईपीएल 2026 में आज कोलकाता नाइट...

Divyanka Tripathi के बेबी शॉवर में नजर आए कई सेलेब्स, पति विवेक दहिया ने किया डांस

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी (Divyanka Tripathi)...

Share Market Today: हरे निशान पर खुला बाजार मिनटों में हुआ लाल, Sensex 300 अंक से ज्यादा टूटा, Nifty भी फिसला

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार...

Upcoming Smartphones: आज स्मार्टफोन मार्केट में बड़ा धमाका, OnePlus Nord 6 से लेकर Oppo Find X9 Ultra तक कई फोन होंगे लॉन्च

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अप्रैल 2026 स्मार्टफोन बाजार के लिए...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵