नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। पौष महीने में पड़ने वाली साल की आखिरी अमावस्या सोमवार के दिन पड़ने से इसका महत्व और ज्यादा बढ़ गया है। इसलिए इसको सोमवती अमावस्या भी कहा गया। सोमवती अमावस्या के दिन पूजा अर्चना करके आप देवी देवताओं को प्रसन्न कर सकते है और बरकत का सकते हैं। इस दिन वृद्धि योग और मूल नक्षत्र का सहयोग बना रहा है जो काफी शुभ है। आज के दिन अगर आप शुभ मुहूर्त पर पूजा अर्चना करते हैं तो आपको काफी फायदा होता है।
पूजा विधि
सोमवती अमावस्या के दिन पूजा अर्चना करने के लिए आपको सुबह जल्दी उठना चाहिए। इसके बाद आपको गंगा स्नान अवश्य करना चाहिए। क्योंकि इस दिन गंगा स्नान करने से सारे पापों का नाश होता है। इसके बाद आपको पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए दीपक जलाना चाहिए और परिक्रमा करते हुए ओम नमः शिवाय का जाप करना चाहिए। आप सुबह और शाम दोनों समय पीपल की पूजा अर्चना करें और उसमें दीपक जलाएं ऐसा करने से आपके घर में सुख समृद्धि आएंगी।
शुभ मुहूर्त
अमृत काल – शाम 05 बजकर 24 मिनट से 07 बजकर 02 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से 02 बजकर 49 मिनट तक
सोमवती अमावस्या के दिन करें दान
आज के दिन दान करने का भी बहुत महत्व है। आज के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को खाना खिलाने से बहुत पुण्य मिलता है आज के दिन आपको कपड़े अनाज और कई घरेलू सामानों का दान करना चाहिए। इससे देवी देवता और आपके पितृ खुश रहते हैं जो आपको आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
सोमवती अमावस्या के दिन इन मंत्रो का करें जाप
ॐ केदारनाथ नमः और शिवदायै नमः
ॐ नीलकंठ नमः और ॐ नन्दिन्यै नमः
ॐ उमापति नमः और ॐ रम्यायै नमः
ॐ विश्वनाथ नमः और ॐ शुभायै नमः
ॐ विषधारी नमः और ॐ सावित्र्यै नमः
ॐ नंदराज नमः और ॐ जयायै नमः
ॐ डमरूधारी नमः और ॐ पुण्यायै नमः
ॐ चंद्रमोली नमः और ॐ त्रिवेण्यै नमः
ॐ भीमशंकर नमः और ॐ निरञ्जनायै नमः
ॐ रुद्रनाथ नमः और ॐ सुघोषायै नमः
ॐ महाकाल नमः और ॐ गंगायै नमः




