नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । अनंत चतुर्दशी केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आस्था और भक्ति का वह पर्व है, जब भगवान विष्णु के अनंत रूपों की आराधना कर जीवन में समृद्धि, सुख और शांति की कामना की जाती है। साथ ही इस दिन गणपति बप्पा का विसर्जन कर भक्त उन्हें विदाई भी देते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि इस दिन 14 दीपक जलाने से विष्णुजी के साथ-साथ मां लक्ष्मी की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है?अगर आप चाहते हैं कि आपका घर धन, सुख और सौभाग्य से भर जाए, तो इस अनंत चतुर्दशी पर जरूर अपनाएं ये 14 दीपक जलाने की परंपरा।
अनंत चतुर्दशी 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त
तिथि प्रारंभ: 6 सितंबर 2025, सुबह 3:12 बजे (ब्रह्म मुहूर्त)
तिथि समाप्त: 7 सितंबर 2025, रात 1:41 बजे
पर्व मनाने की तिथि: 6 सितंबर 2025 (शनिवार) – उदय तिथि के अनुसार
पूजा का श्रेष्ठ समय: सुबह 6:02 बजे से रात 1:41 बजे तक
क्यों जलाएं 14 दीपक?
हिंदू शास्त्रों के अनुसार, 14 दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में शुभ ऊर्जा का संचार होता है। यह दीपक 14 लोकों का प्रतीक माने जाते हैं और यह उपाय भगवान विष्णु के अनंत स्वरूपों को समर्पित होता है।
ऐसे करें 14 दीपकों का उपयोग
दीपक का चयन: मिट्टी या पीतल के दीपक लें और उन्हें अच्छे से साफ कर लें।
घी या तेल: गाय के घी या सरसों के तेल से दीपक जलाएं।
समय: प्रदोष काल (शाम) में दीपक जलाना विशेष फलदायी माना गया है।
स्थान: इन 14 दीपकों को घर के इन खास स्थानों पर रखें:
यहां रखें दीपक – 14 शुभ स्थान
पूजा घर में
रसोई घर में
तुलसी के पास
मुख्य द्वार पर
तिजोरी या धन रखने की जगह
पानी के नल के पास
घर की चारों दिशाओं (चार कोने)
छत पर
घर के बाहर – पितरों के लिए
सीढ़ियों पर
आंगन में
बच्चों के कमरे में
अध्ययन कक्ष में
घर के प्रवेश मार्ग पर
इन लाभों की है मान्यता
भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में अनंत सुखों की प्राप्ति
मां लक्ष्मी का वास, जिससे घर में लक्ष्मी स्थायी रूप से टिकती है
घर से रोग, दोष और दरिद्रता का नाश
कार्यों में सफलता और पारिवारिक शांति
नोट: यह जानकारी धार्मिक आस्थाओं और मान्यताओं पर आधारित है। कृपया अपने विवेक से निर्णय लें। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ सलाह ज़रूर लें।




