Mahashivratri Mantra: महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ के इन मंत्रों का करें जाप, सभी मनोकामना होगी पूरी

फाल्गुन माह में होने वाली महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ के चमत्कारी मंत्रों का जाप करने से भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं।
Mantra of Mahashivratri
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नई दिल्ली रफ्तार डेस्क।8 Match 2024। महाशिवरात्रि का पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा करने का महत्त्व है। इस दिन पूजा करने से अगर आपकी विवाह में कोई अर्चन आ रही है, तो वह भी खत्म हो जाती है साथ ही भगवान के इन मंत्रों के जाप से घर में सुख शांति रहती है।

इस प्रकार की पूजा

महाशिवरात्रि के दिन आपको प्रातः काल उठकर स्नान करना चाहिए। उसके बाद भगवान भोलेनाथ की मंदिर जाएं और वहां व्रत का संकल्प लें। भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र चंदन बहुत पसंद है इसीलिए जल चढ़कर बेलपत्र और चंदन का लेप लगाए। और धतूरा,धतूरा का फूल भांग के पत्ते भांग के पत्ते भगवान भोलेनाथ को चढ़ाए। भगवान को भोग में खोवा का लड्डू चढ़ाए। क्योंकि खोवा का लड्डू सफेद कलर का होता है और भगवान को सफेद रंग काफी पसंद है। इसके बाद भगवान की आरती करें और प्रसाद सबको दें और स्वयं भी ग्रहण करें।

पूजन का शुभ समय

प्रथम पहर पूजन समय- 8 मार्च को शाम 6 बजकर 25 मिनट से शुरू होगा और समापन रात 9 बजकर 28 मिनट को होगा।

दूसरा पहर पूजन समय- 8 मार्च को रात 9 बजकर 28 मिनट से शुरू होगा और समापन 9 मार्च को रात 12 बजकर 31 मिनट पर होगा ।

तीसरे पहर पूजन समय- मार्च को रात 12 बजकर 31 मिनट से शुरू होगा और समापन सुबह 3 बजकर 34 मिनट पर होगा।

चौथा पहर पूजन समय- सुबह 3 बजकर 34 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक।

इन मंत्रों का करें जाप

ॐ त्र्यंम्बकम् यजामहे, सुगन्धिपुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।'

ॐ जूं स:।

चंद्र बीज मंत्र- 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्रमसे नम:', चंद्र मूल मंत्र 'ॐ चं चंद्रमसे नम:'।

ॐ हौं जूं स:।

'ॐ ऐं नम: शिवाय।

'ॐ ह्रीं नम: शिवाय।'

ऐं ह्रीं श्रीं 'ॐ नम: शिवाय' : श्रीं ह्रीं ऐं

ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊं।

शिव गायत्री मंत्र- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात्।।

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