नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। महाशिवरात्रि का पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा करने का महत्त्व है। इस दिन पूजा करने से अगर आपकी विवाह में कोई अर्चन आ रही है, तो वह भी खत्म हो जाती है साथ ही भगवान के इन मंत्रों के जाप से घर में सुख शांति रहती है।
इस प्रकार की पूजा
महाशिवरात्रि के दिन आपको प्रातः काल उठकर स्नान करना चाहिए। उसके बाद भगवान भोलेनाथ की मंदिर जाएं और वहां व्रत का संकल्प लें। भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र चंदन बहुत पसंद है इसीलिए जल चढ़कर बेलपत्र और चंदन का लेप लगाए। और धतूरा,धतूरा का फूल भांग के पत्ते भांग के पत्ते भगवान भोलेनाथ को चढ़ाए। भगवान को भोग में खोवा का लड्डू चढ़ाए। क्योंकि खोवा का लड्डू सफेद कलर का होता है और भगवान को सफेद रंग काफी पसंद है। इसके बाद भगवान की आरती करें और प्रसाद सबको दें और स्वयं भी ग्रहण करें।
पूजन का शुभ समय
महाशिवरात्रि की तिथि 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी और 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। महाशिवरात्रि की पूजा रात में की जाती है, इसलिए 26 फरवरी की रात को महाशिवरात्रि की पूजा की जाएगी।
इन मंत्रों का करें जाप
ॐ त्र्यंम्बकम् यजामहे, सुगन्धिपुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।’
ॐ जूं स:।
चंद्र बीज मंत्र- ‘ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्रमसे नम:’, चंद्र मूल मंत्र ‘ॐ चं चंद्रमसे नम:’।
ॐ हौं जूं स:।
‘ॐ ऐं नम: शिवाय।
‘ॐ ह्रीं नम: शिवाय।’
ऐं ह्रीं श्रीं ‘ॐ नम: शिवाय’ : श्रीं ह्रीं ऐं
ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊं।
शिव गायत्री मंत्र- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात्।।
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