नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। नवरात्रि के पहले दिन से लेकर 9 दिनों तक माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना होती है। धूमधाम से हर साल जातक नवरात्र का त्यौहार मनाते हैं आपको बता दें कि इस समय नवरात्र का आज तीसरा दिन है ऐसे में चंद्रघंटा माता की पूजा अर्चना करनी चाहिए आज उनकी पूजा कर कर आप उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं जिससे आपके घर में सुख समृद्धि अथवा तरक्की होगी इसके साथ ही आप उनके कुछ चमत्कारी मंत्रों का भी जाप करें।
पूजा विधि
नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा अर्चना करने के लिए आपको सुबह जल्दी उठना चाहिए। मंदिर को साफ करके सभी देवी देवताओं और माता के परिवार की पूजा करें। इसके बाद फिर मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना करें। माता चंद्रघंटा को लाल रंग बहुत प्रिय है। इस कारण आप उनको लाल फूल ही अर्पित करें साथ ही आप लाल वस्त्र ही धारण करें। इसके बाद आप दुर्गा चालीसा का जाप करें और माता चंद्रघंटा की आरती करें।
माता चंद्रघंटा का स्वरूप
माता चंद्रघंटा का रूप बहुत ही मोहक और अलौकिक होता है। माता दुर्गा का ये रूप उनकी शादी का स्वरूप माना जाता है। माता चंद्रघंटा के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्रमां विराजमान है, जिस कारण इन्हें चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है। माता चंद्रघंटा संसार में न्याय और शासन स्थापित करती हैं। ऐसा कहा जाता है की माता जल्दी प्रसन्न होकर अपने भक्तों की इच्छा पूरी करती हैं और उन्हें आशीर्वाद प्रदान करती हैं।
इन मंत्रों का करें जाप
या देवी सर्वभूतेषु मां चन्द्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
ओम देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥
आह्लादकरिनी चन्द्रभूषणा हस्ते पद्मधारिणी।
घण्टा शूल हलानी देवी दुष्ट भाव विनाशिनी।।
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