Raviwar Mantra : जानिए रविवार के दिन भैरव बाबा की पूजा करने का महत्व और मंत्र

हिंदू धर्म में अक्सर रविवार को सूर्य देवता की पूजा करने का नियम है लेकिन क्या आपको पता है रविवार के दिन भैरव बाबा की पूजा भी की जाती है।
Raviwar Mantra of kaal Bhairav
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क 24 December 2023 : रविवार का दिन छुट्टी का दिन होता है इस दिन घर में सारे लोग मौजूद होते हैं। वही कहा जाता है कि रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है इस दिन सूर्य देव को जलअर्पित करके उनकी पूजा करने से मनचाहा फल मिलता है। लेकिन ऐसे कई लोग हैं जिन्हें यहां बिल्कुल नहीं पता कि रविवार के दिन भैरव भगवान की भी पूजा की जाती है।

शिव भगवान का अवतार है काल भैरव

हिंदू धर्म में भगवान काल भैरव को शिव जी का रौद्र स्वरूप बताया गया है। भक्तों के लिए काल भैरव दयालु, कल्याण करने वाले और शीघ्र ही प्रसन्न होने वाले देव माने जाते हैं। लेकिन अनैतिक कार्य करने वालों के लिए ये दंडनायक हैं।मान्यता है कि भगवान भैरव की पूजा करने पर व्यक्ति के जीवन से जुड़े सारे कष्ट दूर ओर कामनाएं पूरी होती हैं। ऐसा माना जाता है कि भूत प्रेत या ऊपरी बाधा से अगर आप मुक्त होना चाहते हैं तो भगवान काल भैरव की पूजा अवश्य करनी चाहिए। भगवान भैरव की साधना से साधक को जीवन से जुड़े सभी सुख की प्राप्ति होती है।

इस विधि अथवा मंत्र के अनुसार करें भगवान भैरव की पूजा

रविवार के दिन भगवान भैरव की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। पूजा करते हुए रुद्राक्ष की माला से ‘ॐ काल भैरवाय नमः’ मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें। रविवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भैरव जी के मंदिर जाएं और भगवान काल भैरव को फूलमाला, नारियल, दही वड़ा, इमरती, पान, मदिरा, सिन्दूर, और धूप-दीप अर्पित करें। इसके साथ ही बटुक भैरव पंजर कवच का पाठ करे। ऐसा करने से शरीर की रक्ष होती है और घर में लक्ष्मी भी आती और शत्रु पर विजय प्राप्त होती है।

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