Friday Mantra : अगर आप भी रखते हैं वैभव लक्ष्मी का व्रत , तो जान लें इन चीज़ों के बारे में

Vaibhav Lakshmi Mantra : शुक्रवार को वैभव लक्ष्मी का व्रत करने से सफलता प्राप्त हो सकती है। वैभव लक्ष्मी की कृपा से सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
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नई दिल्ली , 24 नवंबर 2023 : आजकल, हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी की विभिन्न स्वरूपों की पूजा और आराधना की जा रही है। कोई धन लक्ष्मी, कोई वैभव लक्ष्मी, कोई गजलक्ष्मी तो कोई संतान लक्ष्मी के रूप में पूजता है। मनोकामनाओं के अनुसार आप मां लक्ष्मी के स्वरूपों की पूजा अर्चना कर सकते हैं। इस लेख में हम वैभव लक्ष्मी की पूजा करने का विधान और व्रतविधि के बारे में जानेंगे।

यदि कोई काम में बाधा हो रही है या धन के मामले में हानि हो रही है, या फिर किसी अन्य क्षेत्र में सफलता नहीं मिल रही है, तो शुक्रवार को वैभव लक्ष्मी का व्रत करने से सफलता प्राप्त हो सकती है। वैभव लक्ष्मी की कृपा से सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।

व्रत की शुरुआत के लिए, शुक्रवार के दिन प्रात:काल स्‍नान करें, उसके बाद महिलाएं शुद्ध होकर साफ वस्‍त्र धारण करें। सुबह मंदिर की साफ-सफाई करें और मां लक्ष्‍मी का ध्‍यान करके सारा दिन व्रत रखने का संकल्‍प लें। आप फलाहार करके या शाम को व्रत पूर्ण होने के बाद अन्न ग्रहण कर सकते हैं।

शाम को, वैभव लक्ष्मी की पूजा के लिए पूर्व दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठ जाएं। उसके बाद, लाल कपड़ा बिछाकर वैभव लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें और श्रीयंत्र को तस्वीर के पीछे या बगल में रखें।

वैभव लक्ष्मी की पूजा में लाल चंदन, गंध, लाल वस्‍त्र, लाल फूल इन सभी चीजों को शामिल करें। वैभव लक्ष्मी की तस्वीर के सामने मुट्ठी भर चावल का ढेर लगाएं और उस पर जल से भरा हुआ तांबे का कलश स्थापित करें, ऊपर एक छोटी सी कटोरी में सोने या चांदी का कोई आभूषण रखें।

प्रसाद के रूप में घर में गाय के दूध से बनी खीर, या फिर सफेद मिठाई या बर्फी का उपयोग करें और पूजा के बाद लक्ष्मी स्तवन का पाठ करें या वैभव लक्ष्मी मंत्र का जाप करें। वैभव लक्ष्मी की पूजा के बाद श्रीयंत्र की भी पूजा करें और व्रत कथा पढ़ें और गोघृत दीपक से आरती करें।

कथा पूजन के बाद, मन में कम से कम 7 बार अपनी मनोकामनाएं दोहराएं और मां लक्ष्मी का ध्यान करें, फिर मां लक्ष्मी का प्रसाद ग्रहण करें और घर के मुख्य द्वार पर घी का एक दीपक जलाकर रखें।

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