नई दिल्ली रफ्तार डेस्क।23 May 2024। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वैशाख पूर्णिमा का काफी महत्व होता है यह पूर्णिमा इस बार गुरुवार के दिन पड़ रही है।पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। और उनके ही रूप सतनारायण भगवान की कथा भी सुनी जाती है लोग उनके मंत्रों के जाप भी करते हैं। गुरुवार के दिन पढ़ने से इसका महत्व और बढ़ जाता है।
पूर्णिमा व्रत रखने का महत्व
पूर्णिमा के दिन व्रत करने से बहुत सी समस्याओं का अंत होता है। आज के दिन जातक पवित्र जल गंगा जी में डुबकी लगाकर और अपने पापों को शुद्ध करते हैं। यह तिथि इस बार गुरुवार के दिन पड़ रही है इससे इसका महत्व और बढ़ जाता है और इस दिन पूजा अर्चना सच्चे मन से करने से भगवान विष्णु जल्दी प्रसन्न होते हैं।
पूजा विधि
पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठें इस दिन आप सूर्य भगवान को अर्घ्य दें।इसके बाद अपने व्रत का संकल्प करें।और इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्नान करें इसका विशेष महत्व होता है। स्नान करने के बाद वही नदी किनारे आप गरीब दुखियों को कुछ भी इच्छा अनुसार दान भी दे सकते है। क्योंकि आज के दिन दान करने का बहुत महत्व होता है। उसके बाद घर जाकर भगवान विष्णु माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें उनकी पूजा करें।इस दिन आप सत्यनारायण भगवान की भी पूजा की जाती है उनकी पूजा करके उनका पाठ भी करें। आपका व्रत चंद्रमां दर्शन के बाद ही समाप्त होगा।इस शुभ दिन पर पूर्ण चंद्रमा का दर्शन करना बहुत ही शुभ माना जाता है।
इन मंत्रों का करें जाप
ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: चन्द्रमसे नम:’ या ‘ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:’
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:
ओम श्रीम महा लक्ष्मीयै नमः :
ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः, आचमनीयं जलं समर्पयामि ।
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने । प्रणत क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः
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