नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज 28 तारीख को छठ महापर्व का चौथा दिन है। इस दिन उषा अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद इस महापर्व का समापन हो जाएगा। छठ मैया की पूजा अर्चना करने से घर में सुख समृद्धि होती है साथी आपके बच्चों की आयु भी लंबी होती है बिहार झारखंड सहित कई राज्यों में इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है।छठ के महापर्व पर्व के दौरान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते समय कुछ मंत्रों का जाप करना बहुत लाभकारी माना जाता है। आइए इन मंत्रों के बारे में जानते हैं।
छठ का महत्व
ये महापर्व भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित है। छठ के महापर्व में भगवान सूर्य और छठी मैया की अराधना की जाती है। इस दौरान देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने के साथ ही करीब 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखा जाता है। शाम के समय डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य, जबकि सुबह उगते सूर्य को ऊषा अर्घ्य दिया जाता है। आज छठ के चौथे दिन उगते सूरज देवता की पूजा अर्चना की जाएगी इसे उषा अर्घ्य कहा जाता है।
पूजा विधि
उगते सूरज देवता की पूजा अर्चना करने के लिए सबसे पहले एक टोकरी को सजा उसमें ठीक हुआ फल मिठाई आदि रखकर आप दीपक जलाएं। जल में खड़े होकर उगते सूरज देवता की तरफ मुख करें जैसे ही पहले किरण पड़े उनका दूध जल अर्पित करें और उनकी आरती करें। आपको बता दें कि आज छठ का चौथा दिन है यानी अंतिम दिन है आज के दिन व्रत रखने वाली महिलाएं व्रत का समापन करेंगी।
इन मंत्रों का करें जाप
ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात।।
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
इस मंत्र का जाप करने से सेहत सुधरती है। साथ ही सूर्य देव से समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
ॐ घृणि: सूर्याय नमः
इस मंत्र का जाप करने से रुके और अटके काम बनने लगते हैं
जीवन में सफलता की नई राहें खुलती हैं।
ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्य: प्रचोदयात।।
इस मंत्र का जाप करने से जीवन की मुश्किलों से छुटकारा मिलाता है।
ॐ अस्य आदित्यह्रदय स्तोत्रस्य अगस्त्यऋषि: अनुष्टुप्छन्दः आदित्यह्रदयभूतो भगवान् ब्रह्मा देवता निरस्ताशेषविघ्नतया ब्रह्माविद्यासिद्धौ सर्वत्र जयसिद्धौ च विनियोगः।।
इस मंत्र का जाप आत्मविश्वास बढ़ाता है
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