Sankashti Chaturthi Mantra: संकष्टी चतुर्थी व्रत करते समय इन मंत्रों का करें जाप, भगवान गणेश की होगी अपार कृपा

संकष्टी चतुर्थी व्रत करने से घर में सुख शांति बनी रहती है और सभी कष्ट दूर होता है क्योंकि संकष्टी चतुर्थी का नाम है संकट हरने वाली चतुर्थी।
Mantra of Sankashti Chaturthi
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नई दिल्ली रफ्तार डेस्क 29 January 2024: संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना होती है। हिंदू धर्म में इसे माघी चतुर्थी या तिल चौथ भी कहा जाता है। आज के दिन व्रत रखने से कष्ट दूर होने के साथ-साथ संतान की उम्र भी बढ़ती है। संकष्टी चतुर्थी पर माताएं अपनी संतान के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। वहीं इस व्रत को करते समय कुछ मंत्र भी है जिनसे गणेश भगवान प्रसन्न होते है।

इस व्रत को करने की विधि और महत्व

संकष्टी चतुर्थी का त्योहार इस बार 29 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। और गणेश भगवान से अपने घर परिवार की शांति की कामना करती हैं। इस व्रत को रखने का काफी कठोर नियम है। इस दिन महिलाएं मीरा जल व्रत रखती है। और शाम को चंद्र भगवान की पूजा करने के बाद ही कुछ खाती है। आज के दिन खाने-पीने का भी कुछ अलग नियम है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भूमि के अंदर होने वाले कंद मूल का सेवन नहीं करना चाहिए इसलिए मूली, प्याज, गाजर, चुकंदर आदि। इस दिन भगवान गणेश को फल फूल के साथ तिल्ली भी चढ़ाया जाता है।

गणेश भगवान के इन मंत्रों का करें जाप

॥ ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥

'ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।'

इदं दुर्वादलं ऊं गं गणपतये नमः'

ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा'

ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा।

ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश।

ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश ।।

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