नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दीपावली के दो दिन बाद द्वितिया तिथि को भाई दूज मनाई जाती है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक करके उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस साल Bhai Dooj का त्योहार 3 नवंबर को मनाया जा रहा है। इस त्योहार को यम द्वितिया भी कहते हैं।
Bhai Dooj 2024 पर पड़ रहा है राहु का साया
इस बार भाई दूज रविवार को मनाया जा रहा है। इस दिन शाम 4 बजकर 12 मिनट से 5 बजकर 34 मिनट तक राहू काल रहेगा। इस दौरान भाई को तिलक न करें।
Bhai Dooj 2024 तिलक का शुभ समय
वैसे तो राहू काल को छोड़कर भाई दूज पर पूरे दिन ही भाई को तिलक किया जा सकता है। लेकिन शुभ मुहूर्त पर तिलक करना ज्यादा लाभप्रद माना जाता है। इस साल तिलक करने का शुभ समय दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से लेकर तीन बजकर 22 मिनट तक है।
क्यों मनाया जाता है भाई दूज का त्योहार?
पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान कृष्ण ने कार्तिक महीने की चतुर्दशी के दिन नरकासुर का वध किया था। इसी दिन को नरक चतुर्दशी के तौर पर मनाया जाता है। नरकासुर के वध के बाद भगवान कृष्ण अपनी बहन सुभद्रा से मिलने गए थे, सुभद्रा ने भगवान कृष्ण का तिलक लगाकर स्वागत किया था और उनके आने का उत्सव मनाया था। इसके बाद से ही हर साल भाई दूज मनाई जाती है।
लंबी उम्र और समृद्धि मिलेगी
वहीं एक और मान्यता के अनुसार, यमराज इस दिन अपनी बहन यमुना से मिलने गए थे। यमुना ने अपने भाई का स्वागत बड़े उत्साह से किया था। यमुना ने उन्हें तिलक लगाया,उन्हें तरह-तरह के व्यंजन बनाकर खिलाए। इससे यमराज भावुक हो गए और उन्होंने यह घोषणा कर दी कि जो भाई इस दिन अपनी बहन से तिलक करवाएगा, उसे लंबी उम्र और समृद्धि मिलेगी। इस वजह से भाई दूज को यम द्वितिया भी कहा जाता है।





