नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान के दौरान वीआईपी प्रमुख और महागठबंधन के नेता मुकेश सहनी का एक बयान विवादों में आ गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से काटा गया तो लोग बीएलओ (BLO) के घर पहुंच जाएंगे, उनके घर जला देंगे और बड़ा अनर्थ हो सकता है। यह बयान उन्होंने 14 जुलाई को एक इंटरव्यू के दौरान दिया।
बीजेपी ने कहा- कानून को हाथ में लेने की इजाजत नहीं
भाजपा प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने मुकेश सहनी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सहनी की कोई राजनीतिक हैसियत नहीं है और अब जमीन खिसकते देख वो ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ वाला व्यवहार कर रहे हैं। अगर कोई संवैधानिक काम में बाधा डालने या धमकी देने की कोशिश करेगा तो कानून अपना काम करेगा।
जेडीयू का भी करारा जवाब
जेडीयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा कि सहनी का यह बयान दर्शाता है कि वो जिस संगत में हैं, उसी की भाषा बोल रहे हैं। बीएलओ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और चुनाव आयोग यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी वोटर का नाम न छूटे। धमकी देना और इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।
RJD ने पल्ला झाड़ा
इस पूरे विवाद पर आरजेडी ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि अगर कोई हत्या या हिंसा की बात करेगा तो हम क्यों सफाई दें? हम इस तरह की बातों का कोई जवाब नहीं देते। मुकेश सहनी का यह बयान बिहार की सियासत में नया बवाल बन गया है। जहां एक ओर बीजेपी और जेडीयू उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कर रहे हैं, वहीं आरजेडी ने चुप्पी साध ली है। अब देखना होगा कि इस बयान पर चुनाव आयोग क्या कदम उठाता है।





