नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी हलचल तेज़ हो गई है। आरजेडी ने बुधवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि जेडीयू के करीब दो दर्जन विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने यह दावा किया और कहा कि SIR के चलते जेडीयू विधायकों में भारी नाराज़गी है।
’25-30 हजार वोट हर क्षेत्र से कटे, विधायक परेशान’
आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “हर विधानसभा क्षेत्र से करीब 25-30 हजार वोट कटे हैं। इससे जेडीयू के विधायकों को हार का डर सताने लगा है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि वे यह चुनाव कैसे जीतेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गरीब, शोषित और वंचित वर्गों के वोटर लिस्ट से नाम काटे गए हैं, और जेडीयू के विधायक इसे देखकर चुप नहीं बैठ सकते।
RJD का दावा- ‘महागठबंधन की सरकार बनेगी’
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि अगर जेडीयू विधायक पार्टी छोड़ते हैं तो वे महागठबंधन में शामिल होंगे, क्योंकि चुनाव के बाद राज्य में महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा,”हिम्मत है तो चुनाव आयोग 65 लाख मतदाताओं की सूची जारी करे जिनके नाम काटे गए हैं और कारण बताए। चुनाव आयोग अब बीजेपी आयोग बन गया है।
JDU का पलटवार- RJD खुद बिखराव की कगार पर
आरजेडी के इन बयानों पर जेडीयू ने तीखा पलटवार किया है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि आरजेडी को पहले अपनी पार्टी संभालनी चाहिए। कौन नेता कब पार्टी छोड़कर चला जाए, कुछ पता नहीं चलता। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान की सफलता से आरजेडी घबरा गई है। तेजस्वी यादव को ये भी नहीं पता कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं, और पार्टी दावे करती रहती है। बिहार की राजनीति में इन दिनों हर दिन नए समीकरण बनते-बिगड़ते दिख रहे हैं। आरजेडी के दावे से जहां सियासी गर्मी बढ़ गई है, वहीं जेडीयू इसे पूरी तरह खारिज कर रही है। अब देखना ये है कि आने वाले दिनों में जमीनी हकीकत क्या होती है।





