नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रशांत किशोर ने इस बार के 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी जन सुराज पार्टी को ‘तीसरी ताकत’ के रूप में उभरने का दावा किया था। लेकिन शुरुआती रुझानों ने यह दिखा दिया कि उनकी पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। उन्होंने खुलेआम कहा था कि यदि जेडीयू 25 से अधिक सीटें जीत गई, तो वे राजनीति छोड़ देंगे। मगर अब रुझान यह बता रहे हैं कि जेडीयू तीन गुना से भी ज्यादा सीटें जीत रही है।
NDA ने फिर बनाएगी सरकार? जन सुराज को लगा झटका
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) इस चुनाव में फिर से सरकार बनने की ओर है। जेडीयू और भाजपा के बीच सीटों की होड़ में दोनों आगे दिख रहे हैं। इस बीच जन सुराज की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
क्या राजनीति छोड़ेंगे प्रशांत किशोर?
क्या प्रशांत किशोर अपनी शर्तों पर कायम रहेंगे? क्या राजनीति छोड़ने का वादा निभाएंगे? या फिर वे किसी नए बहाने के साथ इस शर्त से पीछे हटेंगे? उनकी रणनीति और दावे दोनों अब सार्वजनिक नजरों में खरे नहीं दिख रहे हैं। क्या था वादा और क्या हुआ आखिर वादा: “अगर जेडीयू 25+ सीटें जीत गई तो मैं राजनीति छोड़ दूँगा: जेडीयू अभी 80+ सीटों के करीब बढ़त पर है। असर जन सुराज की हीरो बनने की चाह जीरो साबित होती दिख रही है।। चुनाव के बीच वह लगातार यह दावा कर थे कि सीएम नीतीश कुमार की पार्टी को बिहार चुनाव में 25 से अधिक सीटें नहीं मिलेंगी। लेकिन शुरूआती रुझान जो सामने आए हैं, उसमें साफ है कि जदयू को 80 से अधिक सीटों पर बढ़त मिल रही है।
PK का शुरुआती जीवन
प्रशांत किशोर का जन्म बिहार के सासाराम में रोहतास जिले के कोनार गांव में हुआ। बाद में वे बक्सर चले गए, जहां उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की। उनके पिता डॉक्टर श्रीकांत पांडे और माता सुशीला पांडे हैं। उनकी पढ़ाई लिखाई और पब्लिक हेल्थ के प्रति उनका जागरुकता ने उनके करियर की शुरुआत का रास्ता खोला।





