नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गरमाने लगा है। सभी राजनीतिक दल पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने की योजना बना रहे हैं। क्षेत्रीय पार्टियां जहां अपने पत्ते खोल रही हैं, वहीं कुछ नए नेता और राजनीतिक संगठन नए समीकरणों के साथ उभर कर सामने आ रहे हैं। हाल ही में बिहार की राजनीति में VVIP यानी ‘विकास वंचित इंसान पार्टी’ नाम की एक नई पार्टी ने दस्तक दी है।
यह माना जा रहा है कि यह नई पार्टी मुकेश सहनी की ‘VIP’ (विकासशील इंसान पार्टी) को टक्कर देने के मकसद से बनाई गई है। सहनी, जो निषाद समाज में एक प्रमुख नेता के रूप में जाने जाते हैं, कभी प्रदीप निषाद के राजनीतिक मार्गदर्शक भी थे। दिलचस्प बात यह है कि प्रदीप निषाद पहले मुकेश सहनी की पार्टी से जुड़े हुए थे, लेकिन अब उन्होंने अपनी अलग राह बनाते हुए ‘VIP’ के जवाब में ‘VVIP’ की नींव रख दी है।
कौन है प्रदीप निषाद, क्यों बनाई ‘VVIP’ पार्टी ?
बिहार में प्रदीप निषाद को लोग ‘हेलिकॉप्टर बाबा’ के नाम से जानते हैं। उन्होंने अपनी नई पार्टी VVIP का औपचारिक ऐलान 28 जून को पटना में किया। घोषणा के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य दलितों, शोषितों, महादलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक अधिकार दिलाना है। प्रदीप निषाद का कहना है कि VVIP पार्टी निषाद समाज के सभी तबकों को एकजुट करने का काम करेगी और उनके हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी। साथ ही, युवाओं और महिलाओं को पार्टी में नेतृत्व की अहम भूमिका दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से हैं प्रदीप निषाद
मल्लाह समुदाय से ताल्लुक रखने वाले प्रदीप निषाद उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के निवासी हैं। वे कभी मुकेश सहनी के बेहद नज़दीकी माने जाते थे। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच रिश्ते 2021 में, यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, कमजोर पड़ने लगे। प्रदीप निषाद बताते हैं कि उन्होंने 2017 से लेकर 2021 तक वीआईपी पार्टी में काम किया। उस दौरान मुकेश सहनी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि यूपी में पार्टी को मजबूती से खड़ा किया जाएगा और वे पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे। लेकिन, आगे चलकर सहनी ने ध्यान नहीं दिया।
“जब सम्मान नहीं मिला, तो पार्टी छोड़ दी”
प्रदीप निषाद बताते हैं कि वे एक समय मुकेश सहनी के निजी सहायक थे और पार्टी में महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां निभा रहे थे। लेकिन जब उन्हें अपेक्षित मान-सम्मान नहीं मिला, तो उन्होंने वीआईपी पार्टी से किनारा कर लिया। उनके अनुसार, मुकेश सहनी पार्टी को ‘वन मैन शो’ की तरह चलाना चाहते थे और दूसरों की राय को अहमियत नहीं देते थे। कार्यकर्ताओं के सम्मान की कोई परवाह नहीं की जाती थी, जो उन्हें बहुत खलने लगा। यही कारण था कि उन्होंने वीआईपी छोड़ दी और आगे चलकर सामाजिक न्याय नवलोक पार्टी से जुड़ गए, जहां वे यूपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। हालांकि, बिहार से उनका जुड़ाव बना रहा और इसी सोच के साथ उन्होंने यह तय किया कि जब राजनीति करनी ही है, तो क्यों न अपनी पार्टी शुरू की जाए।
“पहला चुनाव है, पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगे”
बिहार चुनाव को लेकर प्रदीप निषाद का कहना है कि उनकी पार्टी राज्य में अधिक से अधिक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। यह VVIP का बिहार में पहला चुनाव होगा, और उनका उद्देश्य है कि पार्टी की ताकत का प्रभावी प्रदर्शन किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि किसी गठबंधन में शामिल होने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। वे बताते हैं कि उन्होंने बिहार के कई इलाकों का दौरा किया है और उन्हें वहां की ज़मीनी हकीकत की अच्छी समझ है। प्रदीप का दावा है कि जो लोग अन्य दलों से टिकट नहीं पाएंगे, वे उनके पास आएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही दो पूर्व मंत्री और दो पूर्व विधायक उनकी पार्टी VVIP में शामिल होंगे।





