back to top
28.1 C
New Delhi
Thursday, April 9, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

NDA ने बिहार में मारी ऐतिहासिक बाजी: जानिए महागठबंधन की वो बड़ी गलतियाँ जो बनी हार की बड़ी वजह

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से साफ दिख रहा है कि जनता ने NDA पर जोरदार भरोसा जताया है। जहां एनडीए रिकॉर्ड जीत की ओर बढ़ रहा है, वहीं महागठबंधन बहुत पीछे रह गया है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों से साफ दिख रहा है कि जनता ने एनडीए पर जोरदार भरोसा जताया है। जहां एनडीए रिकॉर्ड जीत की ओर बढ़ रहा है, वहीं महागठबंधन बहुत पीछे रह गया है। तेजस्वी यादव को सीएम चेहरा बनाकर उतरी विपक्षी गठबंधन से जनता की उम्मीदें टूट गईं।

महागठबंधन की बड़ी रणनीतिक गलतियाँ

कांग्रेस का “वोट चोरी” वाला आरोप उल्टा पड़ा। पहले चरण की वोटिंग से ठीक पहले राहुल गांधी ने एनडीए पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए। दरभंगा में कांग्रेस की “वोट यात्रा” के दौरान पीएम मोदी की मां पर की गई टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया। बीजेपी ने इसे बड़े प्रचार में बदल दिया और कांग्रेस की छवि को नुकसान हुआ।

वोटर लिस्ट SIR विवाद ने असर नहीं दिखाया

महागठबंधन ने वोटर लिस्ट में संशोधन को चुनावी मुद्दा बनाया, लेकिन कोर्ट जाने और फिर आवाज धीमी पड़ने से जनता इसे गंभीरता से नहीं ले पाई। यह मुद्दा विपक्ष के लिए सहानुभूति जुटाने में नाकाम रहा। तेजस्वी यादव ने कई ऊँचे-ऊँचे वादे किए जैसे हर परिवार से एक सरकारी नौकरी, जीविका दीदी की राशि 10,000 रुपये। वोटरों को यह वादे कम और कल्पना अधिक लगे। इसके विपरीत एनडीए ने 20 साल के विकास रिकॉर्ड को गिनाकर भरोसा जीता।

नकारात्मक अभियान जनता को नहीं पसंद आया

विपक्ष लगातार पीएम मोदी और नीतीश कुमार पर हमला करता रहा। मोदी को भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह जैसे शब्दों से निशाना बनाया गया। बिहार की जनता ने इसे व्यक्तिगत हमला माना और नकारात्मक राजनीति को नकार दिया। सत्ताधारी गठबंधन ने लालू यादव के “जंगल राज” वाले दौर को बार-बार याद दिलाया। तेजस्वी की युवा छवि के आगे उनके पारिवारिक राजनीतिक इतिहास ने बाधा पैदा की। जनता ने जोखिम के बजाय स्थिरता चुनी। महागठबंधन के नेतृत्व, संदेश और रणनीति तीनों में कमियाँ दिखीं। उसका फायदा बीजेपी और जेडीयू के गठबंधन को मिला, जो अब बिहार में फिर सत्ता में लौटने के लिए तैयार दिख रहा है। बिहार की जनता ने इस चुनाव में साफ संकेत दिया है कि स्थिर प्रशासन और काम की राजनीति, नकारात्मक अभियानों और अविश्वसनीय वादों पर भारी पड़ती है।

Advertisementspot_img

Also Read:

Madhyamgram सीट पर किसका रहेगा कब्जा? TMC vs BJP में कड़ी टक्कर के आसार

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में North 24 Parganas जिले की Madhyamgram सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।...
spot_img

Latest Stories

Madhyamgram सीट पर किसका रहेगा कब्जा? TMC vs BJP में कड़ी टक्कर के आसार

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में...

KKR vs LSG: Eden Gardens में रन बरसेंगे या गेंदबाज दिखाएंगे कमाल? जानें मैच प्रीव्यू

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आईपीएल 2026 में KKR vs LSG...

Allu Arjun की फिल्म Raaka के पोस्टर पर Shah Rukh Khan ने किया रिएक्ट, जानिए क्या कहा?

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) के...

Share Market Today: हफ्ते के चौथे दिन भारतीय शेयर बाजार लाल, तेजी पर लगा ब्रेक; Sensex टूटा, Nifty भी लाल निशान में

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 9...

Assembly Election 2026: वोटर लिस्ट में नाम नहीं? जानिए क्या करें और कैसे डालें वोट

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। Assembly Elections 2026 के दौरान अक्सर...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵