नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। चुनावी रणभूमि में जगह-जगह कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। कहीं रैलियां, तो कहीं रणनीतिक बैठकें जारी है। इसी कड़ी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरे को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में एक बड़ी बैठक का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें एनडीए शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के बीच चर्चा होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य एनडीए शासन वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करना है। इसके तहत विभिन्न राज्यों में सरकारों द्वारा किए गए विकास कार्यों, प्रशासनिक प्रगति और आगामी योजनाओं पर विस्तार से बातचीत होगी।
बैठक में मुख्यमंत्रियों से लिया जाएगा फीडबैक
केंद्र की एनडीए सरकार की उपलब्धियों पर मुख्यमंत्रियों से फीडबैक लिया जाएगा। 25 मई, 2025 को आयोजित होने वाली इस अहम बैठक में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अनुभव और सुझाव साझा किए जाएंगे। इस बैठक के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 24 मई, शनिवार को दिल्ली पहुंचेंगे। यह उनके फरवरी में हुए दो दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद दूसरा महत्वपूर्ण दौरा है। उस समय 16 फरवरी को दिल्ली आने के बाद चर्चा थी कि 17 फरवरी को नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, लेकिन वह बैठक नहीं हो पाई। इस बात को लेकर कई कयास भी लगे कि प्रधानमंत्री ने मुलाकात का समय नहीं दिया।
जेडीयू नेताओं ने पहले यह स्पष्ट किया था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात का कोई निश्चित शेड्यूल नहीं था। लेकिन अब जब मुख्यमंत्री फिर से दिल्ली जा रहे हैं, तो इस दौरे पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं। नीतीश कुमार की सेहत को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उनकी मौजूदगी इन चर्चाओं को थामने का काम कर सकती है।
इसके अलावा, माना जा रहा है कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक और राजनीतिक बातचीत भी हो सकती है। इस दौरे से बिहार की राजनीति में नए संकेत मिलने की उम्मीद है, जो चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।





