नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA को मिली बंपर जीत ने जहाँ एक ओर गठबंधन को रिकॉर्ड बहुमत दिया है, वहीं दूसरी ओर सरकार गठन और कैबिनेट के बंटवारे को लेकर नए समीकरण खड़े कर दिए हैं। इस बार अधिकतम 36 मंत्री वाली कैबिनेट की तस्वीर पूरी तरह बदली होगी, जिससे बीजेपी के मंत्रियों की संख्या में कटौती हो सकती है।
कैबिनेट में 6 विधायक पर एक मंत्री का नया फॉर्मूला
2025 में NDA को 202 सीटों पर जीत मिली है, जिसने पिछली बार (2020 में 126 सीटें) के फार्मूले को बदल दिया है।
पिछला फॉर्मूला (2020): 3.5 विधायकों पर एक मंत्री पद। (JDU को 13, BJP को 22 मंत्री पद मिले थे)।
नया फॉर्मूला (2025): 202 विधायकों के साथ, इस बार 6 विधायक पर एक मंत्री पद का फॉर्मूला सेट किया जा सकता है।
पार्टी 6 विधायक पर 1 मंत्री के फॉर्मूले के अनुसार संभावित मंत्री पद
JDU 15 मंत्री
BJP 16 मंत्री (पिछली बार 22 थे)
LJP (R) (चिराग पासवान) 3 मंत्री
HAM (मांझी) 1 मंत्री
RLSP (उपेंद्र कुशवाहा) 1 मंत्री
कुल मंत्री 36 (अधिकतम संख्या)
इस नए फार्मूले के तहत BJP के कोटे में सीधे 6 मंत्रियों की कमी आ सकती है, जिससे गठबंधन के भीतर सत्ता का स्ट्रक्चर पूरी तरह से बदल जाएगा।
विभागों और पोर्टफोलियों में भी बड़ा फेरबदल
मंत्रियों की संख्या में कमी के साथ-साथ पोर्टफोलियो के बंटवारे में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, पिछली कैबिनेट में बीजेपी के पास करीब 26 विभाग थे, जिनमें वित्त, प्लानिंग, पथ निर्माण, राजस्व, शहरी विकास, उद्योग, स्वास्थ्य, खनन, कृषि और कानून जैसे बड़े विभाग शामिल थे। इस बार इन विभागों में कटौती होगी।चिराग पासवान की पार्टी LJP (R) कोटे से मंत्री बनने वाले नेताओं को बीजेपी कोटे के बड़े विभाग दिए जा सकते हैं, जिससे बीजेपी का दबदबा कम होगा।JDU के पास पिछली बार गृह, इंटेलिजेंस, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, शिक्षा और मद्य निषेध जैसे प्रमुख विभाग थे। इस बार JDU के पास रहे एक या दो विभाग में भी फेरबदल संभव है।
कई मंत्रियों की होगी छुट्टी
नई कैबिनेट में कुछ पुराने चेहरे बाहर हो सकते हैंआलोक रंजन झा (सहरसा) और सुमीत सिंह (चकाई) अपनी सीटें हार गए हैं, इसलिए उनका कैबिनेट में शामिल होना अब संभव नहीं है।6 विधायकों के फॉर्मूले के कारण बीजेपी को अपने कोटे से 5 और मौजूदा मंत्रियों को हटाना पड़ सकता है।
JDU में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और पूर्व मंत्री श्याम रजक समेत अन्य कई जीते हुए विधायक मंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। कितने डिप्टी सीएम होंगे?एक और बड़ा सवाल डिप्टी सीएम के पद को लेकर बना हुआ हैपिछली बार कमजोर स्थिति के कारण नीतीश कुमार ने 2 डिप्टी सीएम स्वीकार किए थे। इस बार NDA मजबूत है।19 सीटें जीतने वाली LJP (R) भी डिप्टी सीएम पद के लिए दावेदारी पेश कर सकती है, जिससे सरकार में उपमुख्यमंत्रियों की संख्या को लेकर अंतिम फैसला गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व को ही लेना होगा।




