नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । आम आदमी पार्टी (AAP ) बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए एक्टिव हो गई है। पार्टी दिल्ली, पंजाब के बाद अब ‘बिहार में भी केजरीवाल’ कैंपेन चलाना चाहती है। इसी के साथ वह दिल्ली के पूर्वांचली वोटर को फिर से साधने की कयावद में लगी है। वही, पार्टी ने एक नया नारा लॉन्च किया है। कि ‘जिन लोगों ने दिल्ली से बिहारियों को भगाया है, उस बीजेपी को बिहार से बिहारी लोग भगाएंगे।’ इस नारे के साथ आप ने बिहार में पांव पसरने की कोशिश की जा रही है।
चुनाव को ध्यान में रखकर ये नारा बड़ा ही सोच समझकर गढ़ा गया है। ये नारा दिल्ली और पूर्वांचल यानी यूपी-बिहार के लोगों को एक साथ जोड़ता है। और, ये डबल बेनिफिट स्कीम जैसा है। दिल्ली का फायदा बिहार में, और बिहार का फायदा आने वाले दिनों में दिल्ली।
फिलहाल, आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल पंजाब में डेरा डाले हुए हैं, और गुजरात भी अप-डाउन कर रहे हैं। ऐसे में दिल्ली का मोर्चा सौरभ भारद्वाज संभाल रहे है। दिल्ली हारने के बाद पार्टी अपने आप को सुर्खियों में रखना चाहती है। ओर इसके लिए वो हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण हाल ही में दिल्ली की झुग्गी बस्ती मद्रासी कैंप में एक सरकारी अभियान के तहत कार्रवाई की गई थी। तो मौका मिलते ही सौरभ भारद्वाज ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह के साथ प्रभावित इलाके का दौरा कर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। और कहा है कि आप पार्टी ये मुद्दा संसद तक ले जाएगी, और सबसे बड़ी बात इसे लेकर पटना में धरना प्रदर्शन करेंगी।
पंजाब में केजरीवाल और बिहार में AAP की चुनावी तैयारी
केजरीवाल को दिल्ली की सत्ता दिलाने, सरकार बनाने, सत्ता में वापसी और सत्ता से विदाई – हमेशा ही दिल्ली में रह रहे पूर्वांचल के लोगों को अहम रोल रहा है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार चूक गई लेकिन पार्टी के नेता एक बार फिर पूर्वांचल के लोगों से संपर्क कर रहे हैं। पूर्वांचल के लोगों को आम आदमी फिर से समझाने की कोशिश कर रही और पार्टी साथ ही केजरीवाल की उपलब्धि और उनकी सरकार के द्वारा चलाई गई योजन, विकास के कामकाज का ब्योरा दे रही है।
वहीं, आप पार्टी अरविंद केजरीवाल के नाम पर बिहार में कैंपेन तो चला रही है, लेकिन उनके उसमें शामिल होने की कम ही संभावना लगती है। फिलहाल ‘बिहार में भी केजरीवाल’ अभियान का नेतृत्व पार्टी के बिहार संयोजक राकेश यादव कर रहे हैं। और ये कैंपेन सात चरणों में पूरा होना है।
हाल ही पार्टी ने पंजाब मीटिंग में तय किया था कि, वो अभी से चुनावी तैयारियों में लगी हुई। आम आदमी पार्टी ने आने वाले दो साल में होने जा रहे सभी विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है। पंजाब में चुनाव 2027 में होने हैं। चुनावी तैयारियों के लिए चुनावी राज्यों को दो कैटेगरी में बांटा गया है। एक कैटेगरी वो है जिन राज्यों में केजरीवाल खुद चुनाव कैंपेन को लीड करेंगे, लेकिन बिहार को दूसरे कैटेगरी में रखा गया है, जहां आम आदमी पार्टी स्थानीय नेताओं के भरोसे चुनाव लड़ेगी। फिलहाल, आप पार्टी बिहार में केजरीवाल के नाम को कैंपेन चला रही है ओर केजरीवाल पंजाब में लुधियाना वेस्ट उपचुनाव के मोर्चे पर डटे हुए हैं।
दिल्ली में सपोर्ट लिया, लेकिन बिहार में नहीं
दिल्ली चुनाव में आप को कांग्रेस के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के दो राजनीतिक दलों का खुला समर्थन मिला था, लेकिन बिहार चुनाव में केजरीवाल की पार्टी विपक्षी गठबंधन के खिलाफ मैदान में उतरने जा रही है। दिल्ली चुनाव में अखिलेश यादव ने तो अरविंद केजरीवाल के पक्ष में कैंपेन तक किया था। और समाजवादी पार्टी के अलावा ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का भी चुनाव में सपोर्ट मिला था।
पार्टी बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, और किसी भी राजनीतिक दल के गठबंधन करने का ऐलान नहीं किया है। जिस राजनीतिक पार्टी का दिल्ली में ही सबसे मजबूत आधार रहा हो, और वो वहीं ,सत्ता गंवा चुकी हो, और अब वही पार्टी एक ऐसे राज्य में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हो, जिसका कोई जातीय आधार नहीं है, तो फिर ऐसे चुनाव लड़ने का मकसद क्या समझा जाये?
AAP भी प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की तरह ही चुनाव लड़ती है या कुछ अलग तरीके से, ये देखना भी दिलचस्प होगा। आगे क्या होगा, ये समझना बहुत मुश्किल भी नहीं है। जन सुराज पार्टी ने तो चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में 10 फीसदी वोट भी पाये थे, आप के संभावित उम्मीदवारों की भूमिका भी तो वोट काटने जैसी ही होगी।
किसके साथ, और किसके खिलाफ
बिहार को लेकर अरविंद केजरीवाल वैसे भी तेजस्वी यादव से खफा है। कांग्रेस तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ ही रही थी, लेकिन तेजस्वी यादव ने अखिलेश यादव की तरह केजरीवाल के सपोर्ट में नहीं आए थे। हालांकि, पार्टी अब ऐसा काम करने जा रही है, जिससे कांग्रेस के साथ साथ आरजेडी को भी डैमेज किया जा सके। और बिहार में सत्ता की दावेदार तो तेजस्वी यादव की पार्टी RJD ही है।
पूर्वांचली वोटर से माफी मांगने की कोशिश
अरविंद केजरीवाल ने अपने लोगों को बीजेपी के खिलाफ कैंपेन में लगाया है, लेकिन तेजस्वी यादव और कांग्रेस को नुकसान पहुंचाकर भला वो किसे फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, ये समझना मुश्किल नहीं है। आम आदमी पार्टी के बिहार चुनाव कैंपेन में पहली कोशिश तो उन लोगों तक ही पहुंच बनाने की है, दिल्ली में जिनकी नाराजगी उसे भारी पड़ी है। अब दिल्ली से लेकर बिहार तक उनके घर पहुंचने की कवायद भी शुरू हो चुकी है। क्या ये सब दिल्ली के पूर्वांचली वोटर के गांव तक पहुंच कर माफी मांगने की कोशिश है?
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