नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव में वोटर लिस्ट और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भारतीय चुनाव आयोग सवालों के घेरे में है। चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष लामबंद है। आयोग पर हेराफेरी का आरोप लगाते हुए विपक्ष लगातार सड़क से लेकर संसद तक प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज करवा रहा है।
इस बीच, बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चलाया गया वोटर लिस्ट रिवीजन अभियान के बाद चुनाव आयोग से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है। चुनाव आयोग ने चुनाव में काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को बड़ा तोहफा दिया है। बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट रिवीजन के बीच चुनाव आयोग ने बूथ लेवल पदाधिकारी (BLO) समेत अन्य कर्मियों के मानदेय बढ़ाने का फैसला किया है। चुनाव आयोग ने बीएलओ और अन्य कर्मियों का मानदेय में दोगुना बढ़ोत्तरी किया गया है।
BLO और सुपरवाइजर के मानदेय में बढ़ोत्तरी
बिहार चुनाव और SIR के बीच अब BLO को अब 6000 के बजाय 12000 रुपये मानदेय मिलेगा। वहीं, वोटर लिस्ट रिवीजन के काम के लिए उन्हें अलग से 6000 रुपये का विशेष भत्ता भी मिलता रहेगा। BLO सुपरवाइजर के मानदेय को भी 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, वरीय अधिकारियों जैसे AERO और ERO को भी चुनाव आयोग भत्ता मिलेगा।
AERO, ERO का भी बढ़ाया मानदेय
इसके अलावा, रिवीजन के काम के लिए जो BLO को 1 हजार रुपये का अतिरिक्त मानदेय मिलता था, अब उसे भी बढ़कर 2000 रुपये मिलेगा। इसके साथ ही, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) को 30 हजार रुपये और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) को 25 हजार रुपए का मानदेय देने का फैसला लिया गया है। इन्हें अब तक कोई भत्ता या मानदेय नहीं मिल रहा था। शनिवार को चुनाव आयोग ने इस संबंध में बड़ी जानकारी दी।
बता दें कि, बीते 10 सालों से BLO और सुपरवाइजर के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी। नया मानदेय देश भर में लागू होगा। बिहार से शुरू हुआ वोटर लिस्ट रिवीजन का काम अन्य राज्यों में भी होगा, इसे देखते हुए आयोग ने यह फैसला लिया है।




