नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने ऐलान किया है कि वह बिहार में सभी 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। AAP ने कहा कि उसका इंडिया गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव तक था। पार्टी ने “मैं भी केजरीवाल” यात्रा से राज्य में प्रचार अभियान तेज कर दिया है।
कांग्रेस का हमला – AAP, BJP की B टीम
AAP के इस फैसले पर कांग्रेस ने नाराजगी जाहिर करते हुए तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता ज्ञान रंजन ने कहा, “AAP अचानक अलग चुनाव लड़ने की बात कर रही है, ये दिखाता है कि वो BJP के इशारे पर काम कर रही है।” उन्होंने AAP को BJP की ‘B टीम’ करार दिया। कांग्रेस का कहना है कि महागठबंधन का खाका पहले से तय था, कई बैठकें और कमेटियां बन चुकी थीं जिनमें AAP शामिल नहीं थी।
RJD बोली- लोकतंत्र में सबको हक है
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा “अगर कोई पार्टी चुनाव लड़ना चाहती है, तो ये उसका लोकतांत्रिक अधिकार है।” हालांकि उन्होंने NDA पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने वालों के खिलाफ सभी को एकजुट होना चाहिए।
AAP ने क्या कहा?
AAP के बिहार प्रदेश प्रवक्ता बबलू कुमार ने कहा: “हमारा गठबंधन INDIA ब्लॉक के साथ केवल लोकसभा चुनाव तक था।” “अब हम बिहार में अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन को मज़बूत करने के लिए ‘मैं भी केजरीवाल’ जनसंपर्क यात्रा जारी है, जो फिलहाल सीमांचल में चल रही है।
‘जहां पार्टी मजबूत, वहां लड़ेंगे चुनाव’
AAP का कहना है कि वे उन राज्यों में चुनाव लड़ेंगे जहां उनका संगठन मजबूत है। बबलू कुमार ने कहा कि “हम राष्ट्रीय पार्टी हैं, तो हमारा कर्तव्य है कि जहां भी संगठन है, वहां चुनाव लड़ें।”
गठबंधन पर पड़ेगा असर?
AAP का यह कदम INDIA गठबंधन के लिए झटका माना जा रहा है। इससे पहले हरियाणा में भी AAP ने कांग्रेस से अलग होकर चुनाव लड़ा था। अब बिहार में अकेले चुनाव लड़ने के फैसले से विपक्ष की एकजुटता पर असर पड़ सकता है। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह बिहार में किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है और अकेले दम पर अपनी राजनीतिक जमीन बनाने की कोशिश करेगी। वहीं, कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल इसे वोट कटवा और बीजेपी को फायदा पहुंचाने वाला कदम मान रहे हैं।




