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Lok Sabha Election: अवध से नारी शक्तियों ने दिखाया दमखम पहुंची सदन, गांधी परिवार से रहा खास नाता

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश ने देश को न केवल सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री दिए। साथ ही साथ महिलाओं को भी सुनहरा अवसर दिया। सूबे का अवध क्षेत्र ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ाने में कंधे से कंधा मिलाया। देश की पहली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी अवध के रायबरेली क्षेत्र से सांसद बनकर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हुई थीं।

शकुन्तला नायर अवध की पहली महिला सांसद

जब बात आती है अवध की, तब प्रभु राम की चौपाई के अलावा राजनीति में महिलाओं के योगदान की बात चलती है। अवध से लोकसभा चुनाव जीतकर कई महिलाओं ने देश की राजनीति में अपना परचम लहराया है। अवध की पहली महिला सांसद गोंडा पश्चिम (कालांतर में कैसरगंज) सीट से शकुन्तला नायर थीं। बहुत कम लोगों को ये बात पता होगी कि शकुन्तला नायर ने अवध क्षेत्र में लोकसभा चुनाव लड़कर राजनीति में कदम रखा था। शकुन्तला नायर पहले हिंदूमहासभा की सदस्य थीं। बाद में वे भारतीय जनसंघ में शामिल हो गईं। शकुन्तला भारतीय सिविल सेवा के अधिकारी केके नायर की पत्नी थीं। वर्ष 1949 में जब अयोध्या में राम जन्मभूमि पर रामलला का प्राकट्य हुआ था। उस समय तब नायर ही फैजाबाद के जिला मजिस्ट्रेट थीं। शकुन्तला नायर ने पहले आम चुनाव में हिंदू महासभा के प्रत्याशी के रूप में गोंडा पश्चिम (कालांतर में कैसरगंज) सीट से जीत दर्जकर लोकसभा में कदम रखा।

गांधी परिवार के लिए अवध है जरुरी

उत्तर प्रदेश की पहली मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी ने अपना संसदीय करियर की शुरुआत दिल्ली से शुरु किया। लेकिन बाद में उनको भी अवध का टिकट मिला। उन्होंने 1967 में हुए चौथे आम चुनाव में गोंडा सीट से जीत दर्जकर लोकसभा की देहरी लांघी। यहां तक की देश की पहली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी अवध के क्षेत्र रायबरेली से शुरुआत की। रायबरेली तभी से प्रदेश की हॉट सीट में गिनी जाती है। रायबरेली में इंदिरा गांधी के कदम रखने के बाद से ही यह क्षेत्र कांग्रेस के खाते में चला गया। उनकी हत्या के बाद जब उनके बेटे राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने उन्होंने अमेठी से जीत दर्ज की। इनकी भी हत्या होने के बाद इनकी पत्नी और इंदिरा गांधी की बहू सोनिया गांधी ने अपनी सास की परंपरागत सीट को बरकरार रखा। उन्होंने भी राजनीति में कदम रखा और रायबरेली से चुनाव लड़कर जीत का परचम लहराया। हाल ही में सोनिया गांधी ने खराब स्वास्थय के कारण रायबरेली से सांसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

मायावती ने भी अवध में दर्ज की जीत

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी अवध से ही राजनीति में अपनी जगह बनाई। उन्होंने अंबेडकर नगर से लोकसभा चुनाव लड़ा था। साल 1998, 1999 और 2004 तक लगातार मायावती ने अंबेडकर नगर के खाते में अपना नाम दर्ज कराया।

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