back to top
26.1 C
New Delhi
Monday, March 9, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Birthday Special: पति राजीव की मौत के 6 साल बाद राजनीति में आईं सोनिया गांधी, जानिए क्यों ठुकरा दिया था PM पद

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी आज यानी 9 दिसंबर को अपना 79वां जन्मदिन मना रही हैं।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी आज यानी 9 दिसंबर को अपना 79वां जन्मदिन मना रही हैं। सोनिया गांधी का जीवन संघर्ष, त्याग और राजनीति के बड़े फैसलों से भरा रहा है। इटली के एक छोटे से गांव से निकलकर भारत की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शामिल होना कोई आसान सफर नहीं था।

इटली से कैम्ब्रिज और फिर भारत तक की कहानी

सोनिया गांधी का जन्म 9 दिसंबर 1946 को इटली के लुसियाना गांव में हुआ था। उनका असली नाम सोनिया माइनो था। वे फ्लाइट अटेंडेंट बनने का सपना लेकर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी पढ़ने गईं। वहीं उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई। दोस्ती प्यार में बदली और दोनों ने भारत आकर शादी कर ली।

राजनीति से दूर रहना चाहती थीं सोनिया

शादी के बाद राजीव गांधी पायलट की नौकरी कर रहे थे। उस समय इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थीं और संजय गांधी राजनीति में सक्रिय थे। सोनिया गांधी नहीं चाहती थीं कि राजीव राजनीति में आएं। लेकिन 1981 में संजय गांधी की मौत के बाद राजीव गांधी को राजनीति में आना पड़ा। साल 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने। लेकिन 1991 में राजीव गांधी की भी हत्या कर दी गई। इस दर्दनाक घटना के बाद सोनिया गांधी पूरी तरह राजनीति से दूर हो गईं।

6 साल बाद राजनीति में वापसी

पति की मौत के 6 साल बाद 1997 में सोनिया गांधी कांग्रेस में शामिल हुईं और सिर्फ एक साल बाद यानी 1998 में कांग्रेस की अध्यक्ष बन गईं। इसके बाद उन्होंने पार्टी को नए सिरे से मजबूत किया। साल 2004 में कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार बनी। इसके बाद 2009 में भी यूपीए ने दोबारा सरकार बनाई। लगातार 10 साल तक देश की सत्ता में यूपीए का दबदबा रहा और इस पूरे दौर में सोनिया गांधी सबसे ताकतवर नेता बनी रहीं।

प्रधानमंत्री पद को क्यों ठुकराया?

साल 2004 में सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला, लेकिन उन्होंने यह पद ठुकरा दिया। इसकी सबसे बड़ी वजह उनके विदेशी मूल को लेकर हो रहा विरोध था। इसके बाद उन्होंने मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया और खुद यूपीए की चेयरपर्सन बनी रहीं। उन्होंने RTI, मनरेगा, फूड सिक्योरिटी कानून जैसे कई बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाई। यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के बाद सोनिया गांधी की सेहत खराब रहने लगी। साल 2017 में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ दिया। लेकिन 2019 में फिर से अंतरिम अध्यक्ष बनीं।

Advertisementspot_img

Also Read:

Birthday Special: पत्नी की आखिरी इच्छा पूरी नहीं कर पाए तो रो पड़े थे नीतीश कुमार, जन्मदिन पर जानिए उनकी जिंदगी के अनसुने किस्से

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। सूबे की राजनीति में कई बड़े चेहरे रहे हैं,...
spot_img

Latest Stories

शाश्वत नाम का मतलब- Shashwat Name Meaning

शाश्वत नाम का मतलब – Shashwat Name Meaning: Infinite/अनंत Origin...

कब रखा जाएगा शीतला सप्तमी का व्रत? जानें तिथि, महत्व और पूजा विधि

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। शीतला सप्तमी का व्रत हिंदू...

FD Scheme: एफडी कराने की सोच रहे हैं तो पत्नी के नाम से कराएं, हो जाएंगे मालामाल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जैसे जैसे निवेश के नए नए...

T20 WC Final: भारत की जीत से बौखलाए शोएब अख्तर, BCCI पर लगा दिए गंभीर आरोप

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 8 मार्च की रात जब भारत...

पश्चिम बंगाल चुनाव महज 3 चरणों में कराने की मांग, BJP ने चुनाव आयोग से की अपील

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा...

‘धुरंधर 2’ ने रिलीज से पहले ही कर लिया काफी कलेक्शन, जानिए पूरी जानकारी

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर'...

Travel Tips: Manali और Kasol में कौन है बेस्ट, ट्रिप से पहले पढ़ें जरूरी टिप्स

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर आप इस वीकेंड घूमने के...