नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। रतन टाटा हमारे बीच नहीं रहे मगर अपनी अच्छाई पूरे भारत के सामने छोड़ गए है। रिलांयस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के वार्षिक दिवाली डिनर में रतन टाटा के सम्मान में आयोजन किया गया था। इस वार्षिक दिवाली डिनर में अंबानी परिवार के साथ रिलांयस इंडस्ट्रीज के हजारों कर्मचारी मौजूद थे जिन्होंने रतन टाटा के सम्मान में एक मिनट का मौन रखा और उनको याद करते हुए रतन टाटा को देश का महान बेटा बताया था। आपको बता दें कि रतन टाटा के निधन के बाद अंबानी परिवार उनके अंतिम दर्शन के लिए गया था।
रतन टाटा के लिए नीता अंबानी के भावुक शब्द
वार्षिक दिवाली डिनर समारोह के दौरान रिलांयस इडस्ट्रीज की चेयरपर्सन और मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी भावुक हो गई और उन्होंने रतन टाटा को श्रद्धांजलि अर्पित की। नीता अंबानी ने एक स्पीच दी जिसमें उन्होंने कहा कि “चार दिन पहले ही हमने भारत का महान पुत्र खो दिया। रतन टाटा के निधन ने हमें गहरे शोक में डाल दिया है। वह मेरे ससुर, मुकेश और हमारे परिवार के प्रिय मित्र थे। वह आकाश के मेंटर थे।”
अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा दान कर देते थे रतन टाटा- नीता अंबानी
नीता अंबानी ने रतन टाटा की अच्छाईयों पर बात की और बताया कि कारोबार को लेकर उनका विजन काफी शानदार था। इसके अलावा देश को जब-जब जरूरत पड़ी रतन टाटा हमेशा मजबूती से देश के लिए खड़े रहे। रतन टाटा अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा दान कर देते थे। आगे नीता अंबानी कहती है कि उन्होंने हमेशा कारोबार के साथ-साथ कर्मचारियों और समाज के भले के लिए अच्छा निर्णय ही लिया है। नीता अंबानी ने बताया कि उनके जाने से सब दुखी है। इसके बाद उन्होंने सभी को रतन टाटा की आत्मा की शांति और उनके सम्मान में खड़े होकर मौन रहने को कहा। सभी कर्मचारी और अंबानी परिवार रतन टाटा को श्रद्धांजलि देते हुए खड़े होकर मौन रहे।
मुकेश अंबानी ने रतन टाटा के निधन के बाद दुख जताते हुए दोनो के आपसी संबंधों के बारे बताया
इस समारोह से पहले और रतन टाटा के निधन के बाद ही मुकेश अंबानी ने अपने एक बयान में रतन टाटा के निधन पर दुख जताया था।
मुकेश अंबानी ने अपने बयान में कहा था, “यह भारत और भारतीय उद्योग जगत के लिए बहुत दुखद दिन है। रतन टाटा का निधन न केवल टाटा ग्रुप के लिए, बल्कि भारत के लिए बड़ा नुकसान है। उन्होंने यह भी बताया था कि निजी स्तर पर रतन टाटा के निधन से उन्हें बहुत दुख हुआ है क्योंकि उन्होंने एक प्रिय मित्र खो दिया है। अपने और रतन टाटा की मुलाकात का जिक्र कर बताया कि उनकी रतन टाटा के साथ हर मुलाकात ने उन्हें सिर्फ प्रेरित ही नहीं बल्कि ऊर्जावान भी बनाया है। इसके अलावा उनके चरित्र की महानता और उनके द्वारा अपनाए मानवीय मूल्यों ने उनका सम्मान बढ़ाया है।





