नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बेंगलुरु में मेट्रो सफर करने वाले यात्रियों को अब अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी। बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड BMRCL ने मेट्रो किराए में 50% तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इस बढ़ोतरी के बाद अधिकतम किराया 60 रुपये से बढ़कर 90 रुपये हो जाएगा। हालांकि, स्मार्ट कार्ड यूजर्स को 5% तक की छूट मिलेगी।
मोहनदास पई ने सरकार पर साधा निशाना
इंफोसिस के पूर्व CFO मोहनदास पई ने इस बढ़ोतरी को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार की लापरवाही और खराब प्रबंधन के कारण ही यह स्थिति बनी है। उन्होंने कहा, “कर्नाटक सरकार ने मेट्रो प्रोजेक्ट के साथ गड़बड़ी की है। देरी के चलते लागत बढ़ी, लेकिन इसका बोझ जनता पर क्यों डाला जा रहा है?”
आम आदमी क्यों भुगते?”– जनता भी नाराज
सिर्फ मोहनदास पई ही नहीं, आम जनता भी इस फैसले से नाराज है। सोशल मीडिया पर लोग सरकार से सवाल कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “रेवेन्यू लॉस के लिए सरकार जिम्मेदार है, फिर आम जनता इसकी कीमत क्यों चुकाए? बेंगलुरु मेट्रो के ग्रीन और पर्पल लाइन पर 20 ट्रेनें कम चल रही हैं, जिससे यात्रियों को पहले से ही परेशानी हो रही थी। व्हाइटफील्ड एक्सटेंशन का काम भी 2020 में पूरा होना था, लेकिन अभी तक अधूरा है। ऐसे में किराया बढ़ाना लोगों को और ज्यादा परेशान कर सकता है।
BMRCL का बचाव – बढ़ती लागत को बताया कारण
BMRCL ने इस बढ़ोतरी पर सफाई देते हुए कहा कि पिछले छह साल से किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया था। किराया निर्धारण समिति की सिफारिश के बाद यह फैसला लिया गया। BMRCL ने बताया कि मेट्रो प्रोजेक्ट पर लिए गए 10,422 करोड़ रुपये के लोन को चुकाने के लिए किराया बढ़ाना जरूरी हो गया था। मोहनदास पई ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से इस मामले में दखल देने की अपील की है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस बढ़े हुए किराए को लेकर जनता के लिए कोई राहत देती है या नहीं। फिलहाल, बेंगलुरु के लाखों मेट्रो यात्रियों को सफर के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने के लिए तैयार रहना होगा।




