back to top
20.1 C
New Delhi
Saturday, March 28, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

1 अगस्त से शुरू होगी ELI योजना, पहली नौकरी करने वालों को सरकार देगी हजारों रुपये, जानें स्कीम

युवाओं को रोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार एक नई स्‍कीम लेकर आयी है। जिसके लिए सरकार ने 99,446 करोड़ रुपये का बजट रखा है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । सरकार देश में 1 अगस्त से एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ELI) स्कीम की शुरुआत करने जा रही है। इस योजना के तहत पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को 15,000 रुपये की राशि सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। इस स्कीम का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए प्रोत्साहित करना, भविष्य के लिए एक कुशल कार्यबल तैयार करना, रोजगार सृजन की तत्काल आवश्यकता को पूरा करना और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देना है।

स्कीम का लाभ किन्हें मिलेगा?

सरकार की यह योजना उन कर्मचारियों के लिए लागू होगी, जो 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच किसी नौकरी में शामिल होंगे। इस तय अवधि से पहले या बाद में नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके लिए सरकार ने 99,446 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इस योजना का फायदा केवल कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि कंपनियों को भी मिलेगा। कंपनियों को प्रति कर्मचारी हर महीने 3,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस स्कीम के जरिए सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ना है। साथ ही, सरकार एक बेहतर संरचित और प्रभावी प्रणाली के जरिए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना चाहती है।

पहली नौकरी किसे माना जाएगा?

इस योजना के अंतर्गत वे कर्मचारी शामिल होंगे जो पहली बार नौकरी कर रहे हैं और जिनकी मासिक आय 1 लाख रुपये तक है। ऐसे कर्मचारियों को उनकी एक महीने की ईपीएफ सैलरी के बराबर इंसेंटिव मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपये तय की गई है।

“पहली नौकरी” उसी स्थिति में मानी जाएगी, जब कर्मचारी का पहली बार पीएफ खाता खुलता है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति पहले नौकरी कर रहा था लेकिन उसका पीएफ नहीं कटता था, तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, 1 अगस्त के बाद, जैसे ही वह कर्मचारी पीएफ के दायरे में आएगा, वह इस योजना का पात्र बन जाएगा। प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त छह महीने बाद और दूसरी किस्त 12 महीने पूरे होने तथा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने पर प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, सरकार प्रत्येक कर्मचारी के लिए कंपनियों को भी आर्थिक सहायता देगी।

कंपनियों के लिए क्या शर्तें होंगी?

सरकार प्रति कर्मचारी, जिनकी सैलरी 1 लाख रुपये तक है, कंपनियों को हर महीने 3,000 रुपये प्रदान करेगी। हालांकि, अगर किसी कर्मचारी की मासिक सैलरी 10,000 रुपये या उससे कम है, तो राशि भी उसी के अनुरूप दी जायेगी। वहीं, जिन कर्मचारियों की सैलरी 20,000 रुपये से 1 लाख रुपये के बीच है, उनके लिए कंपनी को प्रति व्यक्ति पूरे 3,000 रुपये मिलेंगे।

लेकिन इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि कंपनी को EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) के तहत रजिस्टर्ड होना जरूरी है। इसके अलावा, यदि कंपनी में 50 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, तो उन्हें इस स्कीम का लाभ पाने के लिए कम से कम दो नए कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी। वहीं, जिन कंपनियों में 50 से अधिक कर्मचारी हैं, उन्हें कम से कम पांच नए कर्मचारियों को नियुक्त करना होगा। ये नए कर्मचारी कम से कम छह महीने तक उसी संस्थान में काम करते रहने चाहिए।

स्कीम की एक और खासियत क्या है?

इस योजना की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसके लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। जैसे ही आपका पीएफ खाता खुलता है, आपका डाटा स्वतः सरकार के पास पहुंच जाएगा। यदि लगातार 6 महीनों तक आपके वेतन से पीएफ की कटौती होती है, तो इंसेंटिव की राशि अपने आप आपके बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।

Advertisementspot_img

Also Read:

LPG Crisis: 35 दिन से पहले बुक नहीं कर पाएंगे LPG सिलेंडर, केवल इन लोगों को 25 दिन में मिलेगा सिलेंडर, सरकार ने बताया...

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मीडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। मांग की अनुसार गैस की आपूर्ति...
spot_img

Latest Stories

चेहरे की झाइयां से हो गईं हैं परेशान, तो घर पर ही करें ये उपाय

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हर कोई सोचता है कि...

Shaniwar Mantra: इन शक्तिशाली मंत्रों के जाप से प्रसन्न होंगे शनिदेव, बढ़ेगी तरक्की

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। शनिवार का दिन शनि देव...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵