नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। न्याय का अधिकार हर किसी व्यक्ति के पास है फिर चाहे वे किसी भी धर्म, मत, संप्रदाय से आता हो। लेकिन कई बार आर्थिक तंगी के कारण लोग कोर्ट का रुख करने से पीछे हट जाते हैं। इसी श्रेणी के लोगों के लिए सरकार ने मुफ्त कानूनी सहायता (Free Legal Aid) का प्रावधान किया है। इस कानून के जरिए सरकार गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को वकील, कानूनी सलाह और कोर्ट से जुड़ी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराती है।
किसे दी जाती है मुफ्त कानूनी सहायता (Free Legal Aid)?
भारत में Legal Services Authorities Act के तहत जरूरतमंद लोगों को फ्री कानूनी मदद दी जाती है। इस कानून के जरिए सरकार गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को वकील, कानूनी सलाह और कोर्ट से जुड़ी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराती है। कोई भी महिला या एक बच्चा, मानसिक रूप से बीमार, बाढ,सूखा, भूकंप पीडित इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए राज्य के अनुसार आधिकतम पारिवारिक आय का पैमाना तय किया गया जिसे आप NALSA की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
मुफ्त कानूनी सहायता पाने के तरीके
मुफ्त कानूनी सहायता पाने के लिए आपको तालुक विधि सेवा समिति से संपर्क करना होगा, जिला मुख्यालय में जिला न्यायालय के परिसर में स्थित जिला विधि सेवा प्राधिकरण से संपर्क साधाना होगा। आवेदन NALSA के ऑनलाइन पोर्टल (https://nalsa.gov.in/) या राज्य विधि सेवा प्राधिकरणों की वेबसाइट पर भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना होगा और टाइपिंग शुल्क इत्यादि के लिए आपको कोई पैसा नहीं देना होगा।
कुल मिलाकर, मुफ्त कानूनी सहायता एक ऐसी पहल है जो हर नागरिक को बराबरी का अधिकार दिलाने की दिशा में बेहद अहम कदम है। अगर आपको या आपके आसपास किसी को कानूनी मदद की जरूरत है, तो इस सुविधा का लाभ जरूर उठाना चाहिए।




