back to top
25.1 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Kargil Vijay Diwas: उनके होने से हम महफ़ूज़ हैं आज, जो खुद की ख़ुशी से पहले देश की ख़ुशी देखते हैं

आज से 23 साल पहले आज ही के दिन 26 जुलाई 1999 को हमारी सेना ने पाकिस्तान के मंसूबों को नाकाम करते हुए देश की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा लहराते हुए ये ऐलान किया था कि कारगिल हमारा है

KARGIL VIJAY DIWAS PIC_1.png

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। Kargil Vijay Diwas: आज से  23 साल पहले आज ही के दिन 26 जुलाई 1999 को हमारी सेना ने पाकिस्तान के मंसूबों को नाकाम करते हुए देश की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा लहराते हुए ये ऐलान किया था कि कारगिल हमारा है, इस पर कब्ज़ा करना तो दूर की बात है, इधर देखने की हिम्मत भी नही करना। तकरीबन 60 दिन लंबी चली इस लड़ाई में भारत की एक इंच जमीन बचाने के लिए भी हमारे कई बहादुर सैनिकों ने अपना बलिदान दिया था।

KARGIL VIJAY DIWAS PIC_3.png

दुनिया में कहीं भी ऐसे बलिदान को किसी  चीज़ से नहीं तौला जा सकता लेकिन फिर भी हमारी सेनाओं में ये रवायत बनी हुई है कि युद्ध के मैदान में किसी एक के बलिदान को सर्वोच्च तो माना ही जायेगा, ताकि उनकी शहादत के जरिये आने वाली पीढ़ी के लिए सेना के शौर्य को हमेशा जिंदा रखा जा सके।

KARGIL VIJAY DIWAS PIC_4.png

भारत में आज “कारगिल विजय दिवस” मनाया जा रहा है, जिसके जरिये उन शहीदों की कुर्बानी को पिछले 22 साल से याद किया जाता है, लेकिन कड़वी हकीकत ये है कि आज भी इस देश के अधिकांश लोग अपने बच्चों को सेना की जोखिम भरी जिंदगी जीने की तरफ भेजने की बजाय एक सुरक्षित व आरामदायक प्रोफेशन में भेजने को अपनी प्राथमिकता ही समझते हैं। सरकार द्वारा लाई गई “अग्निवीर स्कीम” के तहत बहुत सारे युवाओं ने सेना में भर्ती के लिए आवेदन भी किया है, तो इसके पीछे की बड़ी वजह को भी समझना होगा।

KARGIL VIJAY DIWAS PIC_5.png

आज से कई साल पहले मई 1999 में पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहनकर कारगिल-द्रास सेक्टर में घुसपैठ करने वाले आतंकियों के बारे में अगर भारत के सेनिको  को तब वहां के स्थानीय चरवाहों ने आगाह नहीं किया होता, तो यकीनन इन दोनों चोटियों पर पाक सेना अपना कब्जा करने में कामयाब भी हो जाती। परन्तु उन लोगो की वजह से आज वहां हमारा दबदबा बना हुआ है और आज भी वे लोग यही चाहते है की वो सब उनका हो जाये, परन्तु भारत के फौजी ऐसा कभी होने नहीं देंगे।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

US आर्मी में दाढ़ी प्रतिबंध, सिख-मुस्लिम-यहूदी सैनिकों की धार्मिक छूट खत्म, विरोध का तूफान खड़ा हुआ

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिकी सेना की नई ग्रूमिंग नीति ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पेंटागन ने एक आदेश जारी कर सिख, मुस्लिम और...
spot_img

Latest Stories

LPG Crisis: भारत में कब-कब आया LPG गैस संकट? जानिए 2026 से पहले कब-कब लोगों को हुई गैस की किल्लत

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते...

Chaitra Navratri 2026: घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और नौ दिन की त्योहार की पूरी जानकारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और...

भारत में क्या है इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया? विदेशों से कितनी अलग है पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट...

बॉक्स ऑफिस पर The Kerala Story 2 का रहा अच्छा प्रदर्शन, जानिए कलेक्शन रिपोर्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 'द केरल स्टोरी 2: गोज...

कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व...

Gas Supply Crisis: कहीं गैस बुकिंग ठप तो कहीं लंबी लाइनें, कई शहरों में LPG को लेकर बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मध्य पूर्व में जारी तनाव...