नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 2026 टी20 वर्ल्ड कप अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। 21 फरवरी से सुपर-8 की शुरुआत हो रही है और टीम इंडिया अपना पहला मुकाबला 22 फरवरी को खेलेगी। ग्रुप स्टेज में चारों मैच जीतकर टॉप पर रहने वाली भारतीय टीम अब असली परीक्षा के लिए तैयार है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम शानदार दिखी, लेकिन कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन चिंता बढ़ा रहा है। ऐसे में सुपर-8 की प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
1. अभिषेक शर्मा – फॉर्म ने बढ़ाई मुश्किलें
साल 2025 में 859 रन बनाकर सुर्खियों में रहने वाले अभिषेक शर्मा का बल्ला इस वर्ल्ड कप में खामोश रहा है। उन्होंने शुरुआती तीन पारियों में शून्य पर आउट होकर अनचाही हैट्रिक बना दी। ग्रुप स्टेज में कमजोर टीमों के खिलाफ भी रन न बना पाना टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय है। सुपर-8 में मजबूत गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना होगा, ऐसे में उनकी जगह किसी दूसरे ओपनर को मौका मिल सकता है।
2. रिंकू सिंह – मौका मिला, असर नहीं दिखा
रिंकू सिंह को चारों मैचों में खेलने का मौका मिला, लेकिन वह अपनी छाप नहीं छोड़ सके। यूएसए के खिलाफ 14 गेंदों में 6 रन, फिर 6, 4 और 4 गेंदों की छोटी पारियां-ये आंकड़े ज्यादा भरोसा नहीं जगाते। आमतौर पर नंबर-7 पर उतरने वाले रिंकू को ज्यादा गेंदें नहीं मिलीं, लेकिन सुपर-8 में टीम संतुलन अहम होगा। अगर वाशिंगटन सुंदर को शामिल किया जाता है, तो बल्लेबाजी के साथ एक अतिरिक्त स्पिन विकल्प भी मिल जाएगा, जिससे रिंकू की जगह खतरे में पड़ सकती है।
3. अर्शदीप सिंह – पिच पर निर्भर शामिल करने का फैसला
अर्शदीप सिंह का खेलना पूरी तरह पिच कंडीशन पर निर्भर हो सकता है। टीम में पहले से जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या दो प्रमुख पेसर की भूमिका निभा रहे हैं। अगर चेन्नई जैसी स्पिन फ्रेंडली पिच पर मुकाबला होता है, तो मैनेजमेंट अतिरिक्त स्पिनर-जैसे कुलदीप यादव-को मौका दे सकता है। ऐसे में अर्शदीप को बाहर बैठना पड़ सकता है।
आगे की रणनीति क्या होगी?
सुपर-8 में हर मैच नॉकआउट जैसा होगा। ग्रुप स्टेज में कमजोर टीमों के खिलाफ मिली जीत अब ज्यादा मायने नहीं रखती। असली परीक्षा मजबूत टीमों के खिलाफ होगी। टीम मैनेजमेंट संतुलन, फॉर्म और पिच को ध्यान में रखकर फैसला करेगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत साहसिक बदलाव करता है या मौजूदा संयोजन पर भरोसा बनाए रखता है।





