आपने अक्सर लोगों को ये कहते सुना होगा कि हिंसा करने वालों का कोई धर्म नहीं होता। व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई ने भी ‘आवारा भीड़ के खतरे’ को बताते हुए लेख लिखा था। दिशाहीन, बेकार, हताश, नकारवादी, विध्वंसवादी बेकार युवकों की यह भीड़ खतरनाक होती है. इसका उपयोग खतरनाक विचारधारा वाले क्लिक »-www.prabhasakshi.com





