back to top
32.1 C
New Delhi
Saturday, March 28, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

ICC के मास्टरस्ट्रोक ने पाकिस्तान को झुकाया, IND-PAK मैच का बहिष्कार खत्म, अब होगा हाईवोल्टेज मुकाबला

टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर पाकिस्तान का बहिष्कार ड्रामा अब खत्म हो गया है। अब पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला वापस लिया है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले हाईवोल्टेज मुकाबले को लेकर पैदा हुए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना वाला यह मैच पाकिस्तान की ओर से बहिष्कार की धमकी के कारण विवादित बन गया था, लेकिन अब पाकिस्तान ने अपने फैसले से पूरी तरह पलटी मार ली है। करीब 10 दिनों तक चल रहे इस ड्रामे के पीछे आईसीसी की चालाक रणनीति काम आई। बोर्ड के सामने हालात ऐसे पेश किए गए कि पाकिस्तान के लिए विरोध जारी रखना मुश्किल हो गया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी अब इस फैसले को अलग रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन असली खेल आईसीसी की चतुरियों ने ही तय किया।

बहिष्कार का नाटक और ICC की रणनीति

इस विवाद की शुरुआत बांग्लादेश से हुई थी। जब बांग्लादेश ने भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने से इंकार किया, तो पाकिस्तान ने इस मुद्दे को बिना वजह बढ़ा दिया। हालात तब और उलझ गए जब आईसीसी ने बांग्लादेश को वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने नया कदम उठाया। 1 फरवरी को उसने घोषणा की कि वह वर्ल्ड कप का हिस्सा बनेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करेगा, ताकि बांग्लादेश के सम्मान का दिखावा किया जा सके। पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि भी कर दी। वहीं, आईसीसी ने पाकिस्तान को सोचने और अपने निर्णय पर फिर से गौर करने का समय दिया।

ICC की रणनीति के आगे पाकिस्तान का ड्रामा हुआ बेअसर

आईसीसी ने जल्दी ही समझ लिया कि पाकिस्तान का ये विवाद सिर्फ राजनीतिक दिखावा है। पाकिस्तान इसे इस तरह पेश करना चाहता था कि वह बांग्लादेश का बड़ा समर्थक है, लेकिन असल मकसद वास्तव में भारत को दबाव में लाना था। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे मामले में बीसीसीआई ने कोई पहल नहीं की। स्थिति को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए ICC ने पाकिस्तान के ही खेल का इस्तेमाल किया। उन्होंने उन्हीं देशों को साथ लिया जिनके समर्थन की बात पाकिस्तान बार-बार कर रहा था। इस रणनीति के तहत बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई ने ICC के फैसले में सहयोग किया, जिससे पाकिस्तान के लिए अपनी धमक दिखाना मुश्किल हो गया।

श्रीलंका ने ICC के साथ मिलकर पाकिस्तान को मनाया

इस वर्ल्ड कप की सह-मेजबानी श्रीलंका के पास है, और भारत-पाकिस्तान का मैच भी कोलंबो में होना था। अगर यह मैच रद्द होता, तो श्रीलंका को बड़ा आर्थिक और साख का नुकसान उठाना पड़ता। ऐसे में ICC ने श्रीलंका को स्थिति संभालने की जिम्मेदारी दी। श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बातचीत की और उन्हें भारत-पाक मैच के बहिष्कार पर फिर से सोचने की अपील की। श्रीलंका ने इस दौरान दोनों देशों के पुराने क्रिकेट संबंधों और मुश्किल हालात में एक-दूसरे का साथ देने की याद दिलाई, जिससे पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा और बहिष्कार का विचार कमजोर पड़ गया।

यूएई ने भी दी पाकिस्तान को सख्त चेतावनी

इसके बाद पाकिस्तान पर दूसरा बड़ा दबाव यूएई की ओर से आया। एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को पत्र लिखकर याद दिलाया कि कैसे कठिन समय में पाकिस्तान ने अपने घरेलू मैच यूएई में कराए और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखी। ECB ने साफ किया कि भारत-पाक मैच का बहिष्कार सिर्फ दो देशों का मुद्दा नहीं है। इससे पूरे क्रिकेट इकोसिस्टम, विशेषकर एसोसिएट देशों की आर्थिक स्थिति और मैच आयोजित करने की क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

बांग्लादेश ने भी मारी पलटी

तीसरा और सबसे निर्णायक मोर्चा बांग्लादेश का था। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम खुद लाहौर पहुंचे और PCB प्रमुख मोहसिन नकवी से मिले। पाकिस्तान, जिसने पहले बांग्लादेश के समर्थन का हवाला देते हुए भारत के खिलाफ मैच न खेलने की धमकी दी थी, अब उसी बांग्लादेश से सार्वजनिक रूप से अपील सुन रहा था कि वह “क्रिकेट के बड़े हित” में यह मैच खेले। यह पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा नैतिक दबाव साबित हुआ।

इन तीनों देशों श्रीलंका, यूएई और बांग्लादेश के दबाव के बीच ICC लगातार बैक-चैनल बातचीत करता रहा। ICC ने बांग्लादेश को भरोसा दिया कि वह किसी भी तरह की सजा नहीं लगाएगा, भविष्य में टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिलेगा और राजस्व हिस्सेदारी भी सुरक्षित रहेगी। इस तरह पाकिस्तान का ‘सॉलिडैरिटी कार्ड’ पूरी तरह बेकार साबित हुआ। इस पूरे वाक्‍या ने यह साबित कर दिया कि भारत-पाक मुकाबला सिर्फ क्रिकेट का मामला नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल क्रिकेट इकॉनमी का भी अहम हिस्सा है। ICC ने सीधे टकराव न करते हुए कूटनीतिक बपनाई और पाकिस्तान को झुकाया।

Advertisementspot_img

Also Read:

IPL में अब कभी दिखाई नहीं देंगी ये टीमें, कभी आईपीएल में बोलती थी तूती

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Indian Premier League (IPL) दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीग में से एक है, जहां हर साल नई-नई कहानियां बनती हैं।...
spot_img

Latest Stories

Nora Fatehi की हॉटनेस ने ढाया कहर, साड़ी में एक्ट्रेस ने कराया फोटोशूट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। नोरा फतेही (Nora Fatehi) इन...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵