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10 मिनट डिलीवरी पर ब्रेक! सरकार की सख्ती के आगे झुकी क्विक-कॉमर्स कंपनियां

गिग वर्कर्स की सुरक्षा और काम की परिस्थितियों को लेकर बढ़ते दबाव के बीच, भारत की त्वरित आपूर्ति (क्विक-कॉमर्स) कंपनियों ने अब अपनी ब्रांडिंग से ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का वादा हटा दिया है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश में क्विक-कॉमर्स कंपनियों के तेजी से बढ़ते कारोबार के बीच डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम की परिस्थितियों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही थी। इसी दबाव के तहत ब्लिंकिट ने अपने प्लेटफॉर्म से ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का वादा हटा दिया, और इसके बाद ज़ेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और फ्लिपकार्ट मिनट्स ने भी इसी प्रतिबद्धता को अपनी ब्रांडिंग से हटा लिया।

‘10 मिनट में डिलीवरी’ को हटाना चाहिए

यह कदम डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले सप्ताह क्विक-कॉमर्स कंपनियों के हितधारकों के साथ हुई बैठक में कहा था कि सामान को अत्यंत कम समय में पहुंचाने की प्रतिबद्धताओं, जैसे ‘10 मिनट में डिलीवरी’, को हटाना चाहिए।

”डिलीवरी कर्मचारियों पर असहनीय दबाव न पड़े”

यह कदम सरकार और श्रमिक अधिकार समूहों की चिंता के बाद उठाया गया। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले सप्ताह क्विक-कॉमर्स कंपनियों के हितधारकों के साथ बैठक में कहा था कि अत्यंत कम समय में डिलीवरी की प्रतिबद्धताओं, खासकर ‘10 मिनट में डिलीवरी’, को हटा देना चाहिए ताकि डिलीवरी कर्मचारियों पर असहनीय दबाव न पड़े।

10 मिनट डिलीवरी पर सरकार की सख्ती

सरकार की चेतावनी और श्रमिक सुरक्षा की चिंताओं के बाद ब्लिंकिट ने पहले अपने प्लेटफॉर्म से यह वादा हटा दिया। इसके बाद ज़ेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और फ्लिपकार्ट मिनट्स ने भी अपने मंचों से ‘10 मिनट डिलीवरी’ का दावा हटा दिया। हालांकि बिगबास्केट पर अभी भी 10 मिनट में ग्रॉसरी डिलीवरी का उल्लेख मौजूद है।

गिग वर्कर्स ने किया फैसले का स्वागत

देश में क्विक-कॉमर्स का कारोबार तेजी से बढ़ा है, लेकिन साथ ही डिलीवरी कर्मियों पर बढ़ते दबाव, कठिन कार्य परिस्थितियाँ और सड़क सुरक्षा के सवाल भी उठे हैं। नए साल की पूर्व संध्या पर गिग वर्कर्स ने ‘10 मिनट डिलीवरी’ के विरोध में देशव्यापी हड़ताल की थी, जिसमें कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और वेतन से जुड़े मुद्दे प्रमुख थे।

गिग वर्कर्स एसोसिएशन ने क्विक-कॉमर्स कंपनियों द्वारा 10 मिनट में डिलीवरी का वादा हटाने का स्वागत किया। संगठन का कहना है कि यह कदम डिलीवरी कर्मचारियों पर असहनीय दबाव कम करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। साथ ही संगठन ने यह भी चेतावनी दी कि कई मामलों में श्रमिकों को अतिरिक्त मेहनत के अनुरूप उचित भुगतान नहीं मिलता रहा।

क्विक-कॉमर्स कंपनियों का वर्तमान परिदृश्य

फिलहाल भारत में कुल सात प्रमुख क्विक-कॉमर्स मंच सक्रिय हैं। ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट, ज़ेप्टो, जियोमार्ट, बिगबास्केट, अमेज़न नाउ और फ्लिपकार्ट मिनट्स। इन कंपनियों ने अब अपनी ब्रांडिंग और मार्केटिंग रणनीति बदलकर डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम के हालातों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है, ताकि तेजी से बढ़ते कारोबार में कर्मचारियों की भलाई भी सुनिश्चित हो सके।

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