back to top
21.1 C
New Delhi
Tuesday, April 7, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

डीयू प्रशासन के खिलाफ एकजुट हुए शिक्षक, 4 हजार तदर्थ शिक्षकों का है मुद्दा

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। सहायक प्रोफेसर्स की नियुक्ति को लेकर डीयू के नए वीसी को शिक्षक संगठनों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को शिक्षक संगठन डूटा ने दिल्ली विश्वविद्यालय में हड़ताल का ऐलान किया है। डूटा ने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि वे नियुक्ति प्रक्रिया में 4 हजार तदर्थ शिक्षकों की अनदेखी के खिलाफ हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में शुक्रवार 29 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक होनी है। इस बैठक के लिए तय किए गए कुछ एजेंडा प्रावधानों को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ यानी डूटा ने भी अपनी आपत्ति दर्ज की है। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा सहायक प्रोफेसर्स की भर्ती प्रक्रिया के लिए यह नए प्रावधन किए गए हैं। शिक्षकों ने इस प्रावधान पर विरोध जताते हुए कहा है कि इससे दिल्ली विश्वविद्यालय में कार्यरत 4000 शिक्षक तदर्थ और अस्थायी शिक्षक बेरोजगार हो जाएंगे। डीटीएफ की सचिव प्रोफेसर आभा देव हबीब ने शिक्षकों से वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में आने की अपील की है। डीटीएफ ने शिक्षकों से अपील की है कि शुक्रवार को हड़ताल और प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल हों ताकि नवनियुक्त कुलपति को कड़ा संदेश दिया जा सके कि डीयू के शिक्षक अवशोषण चाहते हैं और इससे कुछ कम नहीं। प्रोफेसर आभा देव हबीब ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि कार्यकारी परिषद की अपनी पहली बैठक में, एक एजेंडा आइटम लाया है जो 5 दिसंबर के चर्चा के रिकॉर्ड के खिलाफ है। जिसने सभी सेवारत तदर्थ शिक्षकों को साक्षात्कार के लिए उपस्थित होने की अनुमति दी थी। अब चयन समिति को 100 फीसदी वेटेज देना तदर्थ शिक्षकों का विस्थापन एक वास्तविक खतरा है। उन हजारों तदर्थ शिक्षकों का क्या होगा जिन्होंने विकट परिस्थितियों में विश्वविद्यालय की सेवा में अपना सर्वश्रेष्ठ वर्ष दिया है। उन्होने कहा कि हमें वीसी को बताना चाहिए कि हम 5 दिसंबर के रिकॉर्ड ऑफ डिस्कशन का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेंगे। एजेंडा 5.1 को वापस ले लिया जाए और हम अस्थायी और तदर्थ शिक्षकों के अवशोषण के लिए वन टाइम यूजीसी रेगुलेशन को लागू करेंगे। वही दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को एक एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में वाइस चांसलर प्रोफेसर योगेश सिंह से मांग की है कि दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न कॉलेजों में एडहॉक शिक्षकों का शीघ्र नियमतिकरण, समायोजन, स्थायीकरण किया जाए जो वर्षो से स्थायी होने की बाट जोह रहे हैं। –आईएएनएस जीसीबी/एएनएम

Advertisementspot_img

Also Read:

CJM के आदेश के बावजूद अनुज चौधरी पर FIR नहीं, संभल SP बोले-हम फैसले को चुनौती देंगे

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में संभल हिंसा मामले में तैनात तत्कालीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) विभांशु सुधीर...
spot_img

Latest Stories

वीवा नाम का मतलब- Viva Name Meaning

Meaning of Viva / विवा नाम का मतलब: Full...

उदयपुर Kanhaiya Lal हत्याकांड में इंसाफ की मांग तेज, परिवार ने सरकार से पूछा- न्याय कब मिलेगा?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजस्थान के उदयपुर में हुए चर्चित...

गणेश भगवान को चढ़ाएं घर पर बना मोदक, प्रसन्न होकर देगें वरदान, जानिए रेसिपी

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। गणेश भगवान की पूजा से...

ATM Transaction Fail: ATM से पैसा कटा पर कैश नहीं मिला? जानिए कैसे करें शिकायत और पाएं मुआवज

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। ATM से पैसे निकालते समय कई...

RR vs MI: बारिश का खतरा या पूरा मैच? गुवाहाटी वेदर रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Indian Premier League 2026 के 13वें...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵