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Monday, March 30, 2026
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बहोरनपुर खुदाई स्थल से मिली आधा दर्जन मूर्तियां

-स्थल के बौद्ध स्राईन होने के संकेत, क्षेत्र को मिलेगी पहचान: वीरेन्द्र हजारीबाग, 22 फरवरी (हि.स.)। हजारीबाग शहर मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर दूर गुरहेत पंचायत के बहोरनपुर में भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा की जा रही खुदाई के दौरान सोमवार को आधा दर्जन मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। इनमें से पांच मूर्तियां भगवान बुद्ध से संबंधित हैं, वहीं छठी मूर्ति मां तारा की बताई गई है। खुदाई स्थल से आधा दर्जन मूर्तियां मिलने से ग्रामीणों के साथ साथ भारतीय पुरातत्व विभाग के अधिकारी भी खुश हैं। अब उन्हें इस स्थल के ऐतिहासिक होने के स्पष्ट प्रमाण दिख रहे हैं। पुरातत्व विभाग के डाॅ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि प्राप्त मूर्तियां भगवान बुद्ध के भूमि स्पर्श मुद्रा की हैं। आम तौर पर ऐसी मूर्तियां बिहार के बोध गया में मिलती हैं। कहा जाता है कि यह मूर्ति भगवान बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति के बाद की है। डाॅ. वीरेन्द्र ने कहा कि अब लगता है कि यहां का इतिहास 9वीं से 11वीं सदी के आसपास का है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बौद्ध स्राईन स्थल हो सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि और खुदाई के बाद बहुत चीजें स्पष्ट हो पाएंगी। हालांकि उन्होंने कहा कि अब इस क्षेत्र को नई पहचान राज्य और देश स्तर पर मिलेगा। आज ही रांची विश्वविद्यालय के पुरातात्विक विभाग में शोध करने वाले करीब डेढ़ दर्जन छात्र छात्राओं का दल भी बहोरनपुर खुदाई स्थल पर पहुंचा। रिसर्च स्काॅलर छात्र छात्राओं ने खुदाई के दौरान प्राप्त मूर्तियों व अन्य मृद्भाण्डों का अवलोकन किया। वे सभी खुश भी हुए। रिसर्च स्काॅलर किरण गुप्ता ने कहा कि पहले वे किताबों में बुद्ध के भूमि स्पर्श मुद्रा की जानकारी पाते थे। यहां मूर्तियों को देखकर उन्हें स्पष्ट पता चल रहा है। उन्होंने संभावना जताई कि यह स्थल आने वाले समय में पर्यटन की दृष्टि से काफी विकसित होगा। गीता रानी कुजूर ने कहा कि झारखंड में भी बौद्ध काल का इतिहास छुपा है। यह यहां से प्राप्त अवशेषों से खुलासा हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थल आने वाले समय में राज्य ही नहीं देश एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विख्यात होगा। रांची विश्वविद्यालय के शिक्षक संजय कुमार तिर्की ने कहा कि बिहार के बोध गया राजगीर की तरह ही झारखंड में भी भगवान बुद्ध के अवशेष और इतिहास बिखरा पड़ा है। यदि इसे सहेजा गया और उसे खोदकर सामने लाया गया तो न केवल लोगों को झारखंड के इतिहास की जानकारी मिलेगी, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी यह स्थल देश और दुनिया के मानचित्र पर होगा। लोगों को रोजगार भी प्राप्त होगा। आहलादित हैं मुखिया बहोरनपुर खुदाई स्थल से भगवान बुद्ध की पांच एवं मां तारा की एक प्रतिमा सहित कई अन्य अवशेषों के मिलने से स्थानीय मुखिया महेश तिग्गा काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभ से ही उन्हें लग रहा था कि यह स्थल बौद्ध इतिहास से जुड़ा है। खुदाई प्रारंभ होने से ग्रामीणों में आशा का संचार हुआ। बीच में खुदाई बंद हो गई। तब लगा जैसे उनकी उम्मीदों पर पानी फिरेगा। दूसरी बाद खुदाइ प्रारंभ होने के बाद अब मूर्तियां मिलने से ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। उन्हें लग रहा है कि यह क्षेत्र देश स्तर पर पहचान दिलाएगा और आने वाले समय में यहां का न केवल विकास होगा, बल्कि रोजगार के साधन भी विकसित होंगे। इस दौरान मुखिया अरूण कुमार भी उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार/शाद्वल

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