back to top
26.1 C
New Delhi
Thursday, April 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

हर ब्लाक में पीजोमीटर बताएगा भूगर्भ जल के हालात

लखनऊ, 7 मई (आईएएनएस)। प्रदेश में गिरते भूगर्भ स्तर को सुधारने के साथ टिकाऊ भूजल प्रबंधन को मजबूती की व्यवस्था सरकार करने जा रही है। इसके लिए उसने राज्य के 826 विकासखंड में भूगर्भ जल की निगरानी की तैयारी शुरू कर दी है। जल शक्ति मिशन की भूजल योजना से यहां बूंद-बूंद पानी की निगरानी के लिए ऑटोमैटिक पीजोमीटर (भूजल मापक यंत्र) लगाए जाएंगे। कुशल जल प्रबंधन के साथ भूजल की डिजिटल रिकाडिर्ंग कराई जाएगी। इन यंत्रों से भूगर्भ जल की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जा सकेगी। अभी तक साल में दो बार पूर्व में लगे मैनुअल पीजोमीटर से भूजल का स्तर नापा जाता था। ऑटोमैटिक पीजोमीटर का उपयोग भूजल अध्ययन के लिए वृहद मॉनिटरिंग नेटवर्क के विकास में भी कारगर साबित होगा। बुंदेलखंड, विंध्य समेत प्रदेश के समस्त जिलों में पानी की समस्या वाले क्षेत्रों में सबसे पहले भूजल मापक यंत्र लगाए जाएंगे। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने हाल में हुई विभाग की एक बैठक में प्रदेश के जिलों में भूगर्भ जल की स्थिति की जानकारी मांगी थी। उन्होंने बैठक में भूगर्भ जल को नापने के लिए मजबूत मॉनीटरिंग सिस्टम बनाने के निर्देश भी दिये हैं। जलशक्ति विभाग के एक अधिकारी ने बताया, बदलते दौर में ऑटोमैटिक यंत्रों से भूगर्भ जल को नापने का मजबूत मॉनीटरिंग नेटवर्क खड़ा किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार प्रत्येक ब्लाक में ऑटोमैटिक पीजोमीटर लगाने जा रही है। इसकी खास बात यह है कि इनसे टेलीमेट्री के माध्यम से रीयल टाइम ग्राउंड वाटर लेवल प्राप्त हो सकेगा। पीजोमीटर के नेटवर्क से बीते 5 वर्षों के भूजल स्तर का आकलन करना आसान हो जाएगा। इनसे प्राप्त डाटा को ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विकास खंड के भूजल स्तर का तुलनात्मक अध्ययन हो सकेगा। प्रदेश सरकार की योजना अगले पांच सालों में प्रदेश में 7500 ऑटोमैटिक पीजोमीटर लगाने की है जिससे भूगर्भ जल की स्थति नापने का मजबूत नेटवर्क स्थापित हो सके। पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर अभी तक प्रदेश में 1365 ऑटोमैटिक पीजोमीटर लगाए गये हैं। इनकी मॉनीटरिंग के सफल परिणाम मिलने के बाद इसको सभी विकासखंडों में लगाने का निर्णय लिया गया है। विभाग की ओर से शासन में प्रदेश में लगे 6500 मैनुअल पीजोमीटर को बदल कर उनकी जगह ऑटोमैटिक पीजोमीटर लगाने का प्रस्ताव भी भेजा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में पीजोमीटर 25 स्क्वायर किमी क्षेत्रफल में एक लगाया जाता है। इसस भूजल स्तर की सटीक जानकारी मिलती है। –आईएएनएस विकेटी/आरएचए

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

वीरांश नाम का मतलब- Viransh Name Meaning

Meaning of Viransh /वीरांश नाम का मतलब: Part of...

Panchayat Season 5 की कहानी से हटा पर्दा, जानिए इस सीजन में क्या होगा सचिव जी का हाल

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्राइम वीडियो ने लोकप्रिय वेब...

Vaibhav Sooryavanshi की टीम इंडिया में एंट्री पर अश्विन का ब्रेक: ”जरा ठहरो, वक्त आने दो”

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। IPL 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन कर...

पवन सिंह को मिलेगा मेहनत का फल: BJP में कौन सा मिलेगा पद मनोज तिवारी किया साफ, बोले- पार्टी जल्द दे सकती है…

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भोजपुरी इंडस्ट्री के पावरस्टार पवन सिंह...

Chandigarh Blast: चंडीगढ़ में पंजाब BJP ऑफिस के बाहर धमाका, पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी दफ्तर के...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵