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तृणमूल का करीबी सहयोगी है जहांगीरपुरी हिसा का आरोपी अंसार शेख: पश्चिम बंगाल भाजपा

कोलकाता, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी के जहांगीरपुरी इलाके में हुई हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार शेख के राजनीतिक जुड़ाव को लेकर दिल्ली में जैसी बहस आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच हो रही है, वैसी ही बहस अब पश्चिम बंगाल में भी शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल में राज्य भाजपा के नेताओं ने आरोप लगाया है कि शेख सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का करीबी सहयोगी है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस इस बात से इनकार कर रही है कि शेख किसी भी तरह से पार्टी में शामिल था। विधानसभा में विपक्ष के नेता, सुवेंदु अधिकारी का दावा है कि शेख न केवल पूर्वी मिदनापुर जिले में तृणमूल नेतृत्व का करीबी सहयोगी है, बल्कि वह 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के तुरंत बाद 2 मई, 2021 को उनके वाहन पर हमले में भी शामिल था। उन्होंने दावा किया, नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से चुने जाने के बाद, जहां मैंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था, हल्दिया में मेरे वाहन पर हमला हुआ, जहां शेख का अपना आवास है। शेख तृणमूल कांग्रेस गिरोह का हिस्सा है, जो उस हमले के पीछे था। अधिकारी का यह बयान ऐसे दिन सामने आया है, जब दिल्ली पुलिस की एक टीम जहांगीरपुरी हिंसा के दो आरोपी शेख अंसार और शेख असलम के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए हल्दिया और उससे सटे महिषादल में पहले से मौजूद है। यह जानकारी भी सामने आई है कि शेख के स्वामित्व वाली एक आलीशान हवेली पूर्वी मिदनापुर के प्रमुख औद्योगिक टाउनशिप हल्दिया में स्थित है, वहीं असलम महिषादल पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले कंचनपुर गांव का निवासी है। हालांकि, स्थानीय तृणमूल नेतृत्व ने अंसार शेख या असलम के पार्टी की जिला इकाई के साथ किसी भी तरह के जुड़ाव से इनकार किया है। अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल ने पश्चिम बंगाल को पूरे देश में आतंकवादियों की आपूर्ति का केंद्र बना दिया है और यह भी मांग की कि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर तुरंत कदम उठाना चाहिए। हल्दिया में लोग शेख को कबाड़ एवं लोहे के कारोबार में एक सफल व्यापारी के रूप में जानते हैं। एक समय में हल्दिया में उसका सबसे लंबा प्रवास 2020 के मध्य और 2021 की शुरुआत के बीच था, जब कोविड-19 महामारी अपने चरम पर थी। हालांकि उसके बाद भी वह अक्सर हल्दिया जाता रहा। दूसरी ओर, असलम मोहल्ले में एक बढ़ई के रूप में जाना जाता है, जो अपनी आजीविका कमाने के लिए पांच से छह महीने पहले दिल्ली गया था। असलम के इस कदम के पीछे शेख का हाथ बताया जा रहा है। 16 अप्रैल को, दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के अवसर पर शोभा यात्रा जुलूस के दौरान लोगों के दो समूहों के बीच सांप्रदायिक झड़पें हुईं थीं। हिंसा में कम से कम आठ पुलिस कर्मी और एक नागरिक घायल हो गया। एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने रविवार को 35 वर्षीय शेख को सांप्रदायिक झड़पों के पीछे कथित साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया। –आईएएनएस एकेके/एएनएम

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