नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं। महागठबंधन के अहम घटक दल विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को इस चुनाव में करारा झटका लगा है। पार्टी का खाता तक नहीं खुल सका और उसके सभी 15 उम्मीदवार हार गए। इसी बीच, VIP प्रमुख और पूर्व डिप्टी सीएम दावेदार मुकेश सहनी ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए अपनी औपचारिक प्रतिक्रिया सामने रखी है।
सहनी ने जहां जनता के जनादेश को विनम्रतापूर्वक स्वीकार किया, वहीं उन्होंने परिणामों पर स्पष्ट आश्चर्य भी जताया। उन्होंने NDA की जीत को “माताओं-बहनों के वोट” का परिणाम बताया और कहा कि पार्टी अब अपनी हार के कारणों पर गंभीर समीक्षा करेगी।
‘जनादेश का सम्मान, NDA को बधाई ‘
चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुकेश सहनी ने कहा, हमने सोचा नहीं था कि ऐसा होगा। लेकिन लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है। हम जनादेश को स्वीकार करते हैं और NDA को उसकी जीत पर बधाई देते हैं। सहनी ने यह भी माना कि यह परिणाम उनकी अपेक्षा से बिल्कुल उलट रहा। VIP के सभी उम्मीदवारों की हार ने पार्टी की रणनीति और नेतृत्व दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
NDA की बड़ी जीत का कारण -महिलाओं का वोट
अपनी प्रतिक्रिया में सहनी ने NDA की अप्रत्याशित बढ़त के पीछे एक बड़ा कारण बताते हुए कहा कि, माताओं-बहनों का वोट पूरे तौर पर NDA के पक्ष में गया है। यही उनकी इतनी बड़ी जीत का प्रमुख आधार बना।विशेषज्ञों का भी मानना है कि महिलाओं की बड़ी संख्या में मतदान ने इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाई है, जिसका लाभ NDA को मिला।
हार पर मंथन करेगी VIP, कहां चूक हुई, समझेंगे-सहनी
पार्टी के शून्य पर सिमट जाने पर सहनी ने कहा कि अब VIP आत्ममंथन करेगी।हम 15 सीटों पर लड़े, लेकिन कहीं न कहीं कमी रह गई। क्यों नहीं जीत पाए, किस स्तर पर गलती हुईइस पर पूरी गंभीरता से समीक्षा करेंगे।सूत्रों के अनुसार, VIP जल्द ही अपनी चुनावी बैठकों और संगठनात्मक ढांचे की पुनर्समीक्षा कर सकती है।
खुलेआम ‘लूट’ का आरोप
मुकेश सहनी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा, पहले रात में लूट होती थी, अब खुलेआम हो रही है। उनका यह तंज चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और बड़े दलों द्वारा प्रचार-तंत्र में वर्चस्व को लेकर माना जा रहा है। सहनी का यह बयान संकेत देता है कि वे परिणामों को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और चुनावी माहौल तथा प्रतिस्पर्धा के तौर-तरीकों पर सवाल उठा रहे हैं।
राजनीतिक भविष्य पर नजर, संघर्ष जारी रखने के संकेत
हालांकि सहनी ने हार स्वीकार की है, लेकिन उनका बयान बताता है कि वे राजनीति से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। VIP के शून्य पर सिमटने के बावजूद सहनी ने यह साफ किया कि पार्टी पुनर्गठन के साथ आगे बढ़ेगी और संघर्ष जारी रहेगा। बिहार चुनाव 2025 VIP और मुकेश सहनी के लिए एक कठिन मोड़ साबित हुआ है। लेकिन जिस तरह उन्होंने हार स्वीकार करते हुए भी राजनीतिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आत्ममंथन की बात कही, उससे यह संकेत मिलता है कि सहनी आने वाले दिनों में अपनी रणनीति नए सिरे से तैयार कर सकते हैं।




