back to top
25.1 C
New Delhi
Tuesday, March 31, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

शीतला अष्टमी: माता को लगा ठंडे व्यंजनों का भोग

जयपुर,02 अप्रेल(हि.स.)। लोकपर्व बास्योडा (शीतलाष्टमी) शुक्रवार को बडी श्रद्धा से मनाया गया। रंगपंचमी के बाद पडने वाले त्यौहारों मेंं से एक शीतला अष्टमी का पर्व मनाया गया। शुक्रवार सुबह से ही महिलाओं ने शीतला माता के मंदिर में जा कर मां शीतला की पूजा अर्चना शुरू कर दी है। इससे पहले गुरुवार देर रात तक महिलाएं माता की पूजा के लिए पकवान बनाने में जुटी रही। माता को भोग लगाने के लिए पुए, पापड़ी, पुड़ी, राबड़ी और कई तरह के पकवान बनाए गए। सुबह से ही महिलाओं की मंदिरों पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई और मिट्टी के बर्तनों में पकवान भरकर माता को परोसे गए और फिर परिजनों ने शीतला माता का आशीर्वाद लेकर परिवार की खुशहाली व चर्म रोगों से निजात पाने की कामना की। माता को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने भी ठंडे ही व्यंजन ही खाए। वहीं गणगौर पूजने वाली बालिकाएं बींद-बींदणी के स्वांग रचा कर बाग-बगीचों में पहुंची । जहां शिव पार्वती के रूप में ईसर-गणगौर के फेरे करवाए गए। ऐसी मान्यता है कि शीतला अष्टमी का व्रत रखने से छोटी माता का प्रकोप नहीं होता और शीतला माता भगवती दुर्गा का ही रूप है। भारतीय उपासना पद्धति जहां मनुष्य को आध्यात्मिक रूप से मजबूत करती है, वहीं शारीरिक और मानसिक रोगों को दूर करने का भी इसका उद्देश्य होता है। कहा जाता है कि चैत्र महीने से जब गर्मी प्रारंभ हो जाती है तो शरीर में अनेक प्रकार के पित्त विकार भी प्रारंभ हो जाते हैं। शीतला सप्तमी और शीतलाष्टमी व्रत मनुष्य को चेचक के रोगों से बचाने का प्राचीन काल से चला आ रहा व्रत है। आयुर्वेद की भाषा में चेचक का ही नाम शीतला कहा गया है। अतरू इस उपासना से शारीरिक शुद्धताए मानसिक पवित्रता और खान-पान की सावधानियों का संदेश मिलता है। पहले प्रसादी फिर चाय शीतलाष्टमी पर अधिकांश लोग पहले माता को भोग लगाकर ठंडा कुछ खाते हैं और इसके बाद ही चाय पीते हैं। पुराने जयपुर में तो आज भी अधिकांश घरों में चूल्हा नहीं जलता और लोग एक दिन पहले बनाई खाद्य सामग्री ही खाते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/दिनेश/संदीप

Advertisementspot_img

Also Read:

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगवान बलभद्र के रथ के मोड़ पर अटकने से मची भगदड़, 600 से ज्यादा श्रद्धालु हुए घायल

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क।  महाप्रभु जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा के दौरान इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे। लेकिन रथ खींचने के दौरान अव्यवस्था...
spot_img

Latest Stories

Dry Days: अप्रैल में शराब प्रेमियों के लिए झटका! इन तारीखों पर बंद रहेंगी शराब की दुकानें

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर आप अप्रैल 2026 में पार्टी...

तनय नाम का मतलब-Tanay Name Meaning

Tanay Name Meaning -तनय नाम का मतलब: पुत्र /Son Origin...

इस Hanuman Jayanti भगवान को लगाएं ‘बेसन के लड्डुओं’ का भोग, ये रही खास रेसिपी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का...

PMKVY क्या है? जानें योग्यता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। PMKVY एक कौशल प्रशिक्षण योजना है...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵