बेगूसराय, 27 मार्च (हि.स.)। विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर दो अप्रैल को जिले के सभी बुनियाद केंद्रों पर दिव्यांग बच्चों तथा शारीरिक रूप से सामान्य बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारी के लिए जिला सामाजिक सुरक्षा-सह-दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के सहायक निदेशक भुवन कुमार की अध्यक्षता में मटिहानी प्रखंड मुख्यालय परिसर में स्थित जिला बुनियाद केंद्र में बैठक की गई। बैठक में जिला प्रबंधक, सभी केंद्र प्रबंधकों एवं अन्य बुनियाद कर्मियों को प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए अधिकाधिक प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में बुनियाद केंद्र के जिला प्रबंधक संतोष कुमार, केस मैनेजर राकेश कुमार समेत सभी बुनियाद केंद्रों के प्रबंधक मौजूद थे। भुवन कुमार ने बताया गया कि ऑटिज्म एक प्रकार का न्यूरो डेवलेपमेंट विकार है। जिसके कारण बच्चों का संज्ञात्मक, व्यक्तिगत तथा संप्रेषण विकास प्रभावित होता है एवं बच्चे अपने आप में खोया रहता है। ऐसे बच्चों में शीघ्र पहचान एवं शीघ्र हस्तक्षेप करने से प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से वैश्विक स्तर पर प्रत्येक वर्ष दो अप्रैल को विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऑटिज्म के प्रति आमजनों में व्यापक जागरूकता के लिए जिला सामाजिक सुरक्षा-सह-दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग बेगूसराय एवं बुनियाद केंद्र द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। दो से चार अप्रैल तक जिले के सभी बुनियाद केंद्र मटिहानी, तेघड़ा, चेरियाबरियारपुर, बखरी एवं बलिया में दिव्यांग बच्चों के लिए चित्रकला तथा निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। जबकि, सामान्य बच्चों के लिए ‘दिव्यांगता के प्रति समाज का नजरिया एवं दायित्व’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। तीनों प्रतियोगिताओं में शामिल प्रतिभागियों में से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वालों को जिला स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। तीनों प्रतियोगिताओं में से तीन-तीन सर्वेश्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन कर राज्य स्तर पर आयोजित समारोह में पुरस्कार के लिए अनुशंसा किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र





