back to top
19.1 C
New Delhi
Saturday, March 21, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

उद्योग के क्षेत्र में आदिवासी समाज की न्यून सहभागिता पर विचार करे सीआईआई : मुख्यमंत्री

-आदिवासियों की उद्योग में सहभागिता के लिए व्यापारी वर्ग आगे आएं -आदिवासियों की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक दशा को देखने की जरूरत रांची, 28 जून (हि.स.)। झारखंड में 27 प्रतिशत आदिवासी समाज के लोग निवास करते हैं लेकिन व्यापार या उद्योग के क्षेत्र में इनकी सहभागिता मात्र 2.5 प्रतिशत है। झारखण्ड के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में 31 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है। वहां भी आदिवासियों की सहभागिता मात्र दो प्रतिशत है। वहीं, नार्थ ईस्ट में आदिवासियों और अनुसूचित जनजाति के लोग झारखण्ड के समतुल्य निवास करते हैं और व्यापार के क्षेत्र में उनकी सहभागिता नौ प्रतिशत है। इसकी वजह क्या है? सीआईआई इस बात पर विचार करे। ये बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को झारखण्ड सीआईआई द्वारा आयोजित चौथे ट्राइबल डेवलपमेंट मीट में कही। मुख्यमंत्री "उद्योग में आदिवासी समाज की भूमिका" विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि झारखंड में संसाधनों की कमी नहीं है। राज्य सरकार भी इसकी समीक्षा कर कमी को पाटने का कार्य करेगी। सोरेन ने कहा कि पूर्व में झारखण्ड के आदिवासी समुदाय के लोगों को जरूरी सहयोग और मार्गदर्शन नहीं मिला और वे व्यापारिक क्षेत्रों में आगे नहीं बढ़ पाए लेकिन वर्तमान में राज्य के आदिवासियों और स्थानीय लोगों के विकास पर सरकार का ध्यान केंद्रित है। कई योजनाएं लागू हुईं और अन्य कई पाइपलाइन में हैं। अचानक आयी महामारी ने सरकार की प्राथमिकताओं को कुछ हद तक जरूर बदल दिया, लेकिन आदिवासी और पिछड़े समाज का उत्थान हमारी सोच के केंद्र में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग क्षेत्र में आदिवासी समाज को कैसे अधिक से अधिक मौका मिले, इसके लिए हमें मिलकर कार्य करना होगा। राज्य सरकार सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए वंचित आदिवासी समाज के लोगों को व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र में अवसर प्रदान कर लाभान्वित करने की योजना बना रही है। अगर हम सभी अपने दायित्वों का निर्वहन करें तो देश और राज्य के आदिवासी अवश्य उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। खनिज क्षेत्र के अतिरिक्त भी उद्योग को मिले बढ़ावा मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के अधिकांश उद्योग खनिज पर आधारित हैं। पर्यटन, संस्कृति, कृषि और खेल के क्षेत्र में आजतक किसी ने मंथन नहीं किया, जबकि इन क्षेत्रों में असीम संभावनाएं हैं। राज्य में खेल से संबंधित उद्योग नहीं है। हॉकी और फुटबॉल के उद्योग लगाए जा सकते हैं। राज्य सरकार ने उद्योग विभाग को इन क्षेत्रों में उद्योग लगाने का निर्देश दिया है। झारखंड की 75 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है और करीब 90 प्रतिशत आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। झारखंड लाह, तसर, इमली समेत अन्य वनोपज उत्पादन के मामले में देश में अग्रणी स्थान रखता है। लेकिन इस इन सब को प्रमोट करने की दिशा में कार्य पूर्व में नहीं किया गया। देश का एकमात्र लाह संस्थान झारखंड में है। उसकी स्थिति भी नाजुक है। रेशम उत्पादन के मामले में राज्य पहला स्थान रखता है, जबकि भागलपुरी सिल्क का नाम आता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां के उत्पाद का सही ढंग से वैल्यू एडिशन नहीं हो सका। वर्तमान सरकार वन आधारित उपज के लिए फेडरेशन का गठन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे ऐसे उत्पाद का वैल्यू एडिशन हो और बाजार मिल सके। स्टेकहोल्डर्स को भी शेयर प्राप्त हो मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन एवं अन्य क्षेत्र में उद्योग लगाए जाते , इससे विस्थापित लोगों को मुआवजा राशि दी जाती है। यह राशि एक समय के बाद समाप्त हो जाती है और विस्थापित पुनः उसी स्थिति में आ जाते हैं। मेरा मानना है कि अगर उद्योग लगे तो स्टेकहोल्डर को भी उद्योग में शेयर मिले, जिससे उनका भी सतत आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके। इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, चाणक्य चौधरी, संजय सबरवाल, सौरव राय, गणेश रेड्डी, अमरेंदु प्रकाश, तापस साहू व अन्य उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार/वंदना

Advertisementspot_img

Also Read:

मणिपुर के उखरुल में फिर बिगड़े हालात, जनजातीय संघर्ष के बाद जले मकान, प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मणिपुर के उखरुल जिले में एक बार फिर हालात बेकाबू होते नजर आए, जब सोमवार दोपहर लिटान सारेइखोंग गांव में हथियारबंद...
spot_img

Latest Stories

बॉलीवुड की इन फिल्मों में दिखाई गई Eid की रौनक, आप भी देखें

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज 21 मार्च को Eid...

देशभर में धूमधाम से मनाई जा रही ईद, अलग-अलग शहरों में अदा की गई नमाज; PM मोदी ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देशभर में आज ईद-उल-फितर बड़े उत्साह...

4 साल बाद यूपी को मिला स्थायी DGP, जानिए कौन हैं एलवी एंटनी देव कुमार जिन्हें मिली जिम्मेदारी

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के...

सोना सस्ता, पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा: आम आदमी पर दोहरी मार, जानिए आज का पूरा अपडेट

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश में आज आर्थिक मोर्चे पर...

Rani Mukerji को सांवले रंग की वजह से मिला रिजेक्शन, फिर यू पलट गई किस्मत

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। फिल्म जगत में 90's से...

Travel Tips: बिना देरी के निकल जाएं इन जगहों पर, सुंदर हरा -भरा दिखेगा नजारा

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। अगर आप कई दिनों से...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵