back to top
32.1 C
New Delhi
Wednesday, March 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

पंचायत स्तर तक कोविड संक्रमित शवों की अंत्येष्टि की टीम बने :माले

12/05/2021 रांची, 12 मई (हि.स.)। कोविड संक्रमित शवों की अंत्येष्टि एक मुसीबत बनकर सामने आ रही है। अफवाहों और तनाव की वजह से कही दिनभर शमाशनघाटों और कब्रिस्तान की चक्कर लगानी पड़ रही है तो कही शवों को ठेले पर लोड करके घाटों तक ले जाया जा रहा है। भय की वजह से गांव वालों की भागीदारी नहीं हो पा रही है। गुमला, रामगढ़, लातेहार, बोकारो, समेत राज्य के कई जिलों में इस तरह की घटनाएं घटित हो रहे हैं। गुमला के बिशुनपुर में सेवानिवृत सब इंस्पेक्टर इलेक्सियुस लकड़ा की घटना ताजा सबूत है। कई अस्पतालों द्वारा संक्रमित शवों को परिजनों को सौंप दिए जाने से ग्रामीण क्षेत्रो में संक्रमण और तनाव दोनो की स्थिति विस्फोटक बन गई है। समय रहते सरकार द्धारा दिशा निर्देश देकर पंचायत स्तर अंत्येष्टि टीम गठित किया जाए ताकि इस स्थिति पर रोक लगाई जा सके। अन्यथा अकस्मात बड़ी घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। शवों की सम्मान पूर्वक अंत्येष्टि किसी भी सभ्य सामाज की पहचान है । झारखंड जैसे राज्य में जहां जमीन से जुडी प्रगतिशील धारा की समर्थक सरकार है ।वहां यह काम और भी महत्वपूर्ण है। झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सख्ती और जागरूकता दोनो ही तरीके नहीं अपनाए गए तो उत्तर प्रदेश की तरह कोविड मरीजों के शव जलाशयों में फेंकने के लिए लोग मजबूर होगें। जो झारखंड के लिए सबसे अपमान जनक बात होगी। हर व्यक्ति का जिंदा रहने का सामाजिक और कानूनी अधिकार है, ठीक उसी तरह मौत के बाद भी उतना ही सम्मान पाने का हक है। कोविड संक्रमण के लिए सिर्फ व्यक्ति और परिवार नही बल्कि सरकार और व्यवस्था जिम्मेवार है । सरकार विश्व स्वास्थ्य संगठन के गाइड लाइन के आधार पर निर्देश जारी कर सख्ती से इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाए। भाकपा माले ने रांची के कई बुद्धिजीवियों,कार्यक्रताओं और लेखकों कलाकारों के साथ वर्चूवल बैठककर बुधवार को सात सूत्री सुझाव पत्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईमेल के जरीये भेजा है। जिसमे डब्ल्यूएचओ के गाइडलाइन का पालन करते हुए अराजकता की स्थिति पर विराम लगाने , निजी अस्पतालों में भर्ती कोविड मरिजो से आर्थिक दोहन पर रोक लगाने , सरकारी अस्पतालों में भर्ती की प्रक्रिया सुगम बनाने, सामाजिक कार्यकर्ताओं को पहचान पत्र जारी कर कोविड रोकथाम में लगाना, मजदूर और गरीब परिवारों को राशन की व्यस्था करने समेत अन्य सुझाव शामिल है। वर्चूवल बैठक में माले जिला सचिव भुवनेश्वर केवट, झारखंड आंदोलनकारी पुष्कर महतो, नागपुरी कलाकार सीमा साहू मजदुर नेता रामकुमार,भीम साहू झारखण्डी बुद्धिजीवी गणेश साहू, आदि मुख्यरूप से शामिल थे। हिन्दुस्थान समाचार/ विकास/चंद्र

Advertisementspot_img

Also Read:

बारामती में मातम के बीच बड़ी वारदात: सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर चोरों ने उड़ाए 30 लाख के जेवर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी को उप मुख्यमंत्री अजित पवार के दुखद निधन के बाद पूरा शहर शोक में डूबा...
spot_img

Latest Stories

भारत में क्या है इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया? विदेशों से कितनी अलग है पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट...

बॉक्स ऑफिस पर The Kerala Story 2 का रहा अच्छा प्रदर्शन, जानिए कलेक्शन रिपोर्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 'द केरल स्टोरी 2: गोज...

कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व...

Gas Supply Crisis: कहीं गैस बुकिंग ठप तो कहीं लंबी लाइनें, कई शहरों में LPG को लेकर बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मध्य पूर्व में जारी तनाव...

हरीश राणा को SC ने इच्छा मृत्यु की इजाजत दी, देश में पहली बार हुआ ऐसा फैसला

नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को...

आज OTT पर लगेगा क्राइम पॉलीटिकल फिल्मों का ड्रामा, जानिए रिलीज होगी कौन सी फिल्म और सीरीज?

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर महीने...