5900 किमी पदयात्रा कर 22 जून को सीमा में होगा प्रवेश 23 जून को समुद्रकूप पहुंच कर होगा मॉं गंगा का पूजन, आरती व दीपदान प्रयागराज, 21 जून (हि.स.)। दुनिया की सबसे बड़ी पदयात्रा कर रहे ‘मुंडमाल गंगा परिक्रमा’ के पदयात्री एवं ‘वृक्षमाल अभियान’ टीम के सदस्य लगभग 59 सौ किमी की अपनी पदयात्रा पूरी करके 22 जून को प्रयागराज की सीमा में प्रवेश करेंगे। प्रयागराज फाउंडेशन के संरक्षक, वरिष्ठ सामाजिक एवं राजनीतिक नेता योगेश शुक्ल पूरी टीम के साथ पदयात्रियों का भव्य स्वागत करेंगे। यात्रा नगर प्रवेश करके 23 जून को अपने प्रारम्भ बिंदु समुद्र कूप पहुंचेगी, जहां मां गंगा का विधिवत पूजन अर्चन एवं महाआरती के साथ दीपदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि अतुल्य गंगा के संस्थापक पूर्व सैनिक अधिकारी गोपाल शर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल हेम लोहमी एवं कर्नल मनोज केशवर द्वारा माँ गंगा को फिर से अविरल और निर्मल बनाने के लिए 11 वर्षों का अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान की शुरुआत मुंडमाल गंगा परिक्रमा 15 दिसम्बर 2020 को प्रयागराज से की गयी थी। अभियान के दौरान चार मुख्य कार्य किये जा रहे थे, गंगा परिक्रमा (6000$ किलोमीटर की पदयात्रा) जिसमें मुख्य रूप से, रोहित जाट और शगुन त्यागी हैं। इस परिक्रमा के साथ साथ अतुल्य गंगा टीम हर 10-15 किलोमीटर पर गंगा जल के प्रदुषण का 12 पैरामीटर के तहत जांच के साथ-साथ गंगा मे गिरने वाले सारे नाले को चिन्हित कर रही थी। इसके अलावा अतुल्य गंगा के साथ मिलकर ग्रीन इंडिया फाउंडेशन, विजय शुक्ला एवं कालेश्वर मिश्रा के नेतृत्व में वृक्षमाल अभियान चला रही थी। वृक्षमाल अभियान के दौरान ग्रीन इंडिया फाउंडेशन की टीम विद्यालय, मंदिर, गंगा घाट आदि स्थानों पर न केवल वृक्षारोपण कर रही थी बल्कि उन वृक्षों का स्थानीय नागरिकों को देख-रेख हेतु जिम्मेदारी भी दे रही थी। इस अभियान के दौरान लगभग 35 हजारों पौधे लगाए जा चुके हैं और 47 हजार पौधे वृक्ष प्रेमियों को बांटे गए हैं। अभियान के दौरान 76 हजार विद्यार्थियों को और लाखों गंगा तट वासी को ग्रीन इंडिया फाउंडेशन की टीम ने वृक्ष लगाने, ‘अपनी सांसे ख़ुद उपजायें-आओ सब मिल पेंड़ लगायें’ के अपने नारे का महत्व बताते हुए गंगा को अविरल बनाने हेतु अतुल्य गंगा फाउंडेशन के इस अभियान मे जुड़ने के लिए प्रेरित किया है। उक्त आशय की जानकारी देते हुए प्रयागराज फाउंडेशन के अध्यक्ष शशांक शेखर पाण्डेय ने सभी प्रयागवासियों से अनुरोध किया है कि 23 जून को सुबह समुद्र कूप पहुंच कर गंगा की अविरलता एवं निर्मलता के लिए हजारों किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे गंगा पुत्रों का अभिनंदन कर गंगा आरती और दीपदान में शामिल हों। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त





