back to top
18.1 C
New Delhi
Thursday, April 9, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

South China Sea – दक्षिण चीन सागर में बढ़ा तनाव, राजनाथ ने की बातचीत का आह्वान

नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। दक्षिण चीन सागर में विवाद बढ़ने लगा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि आचार संहिता वार्ता (कोड ऑफ कंडक्ट निगोसिएशन) से दक्षिण चीन सागर में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे, क्योंकि वहां तनाव बढ़ गया है, जिससे इस क्षेत्र और उससे आगे के सभी देशों को चिंता हो रही है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत इन अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों में नेविगेशन, ओवर फ्लाइट और अबाध वाणिज्य की स्वतंत्रता का समर्थन करता है। सिंह हाल के हफ्तों में दक्षिण चीन सागर में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव का जिक्र कर रहे थे। चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है जबकि अन्य देश भी इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर दावा करते हैं जिससे इस क्षेत्र में क्षेत्रीय विवाद पैदा होते हैं। समुद्र पर संप्रभुता के चीन के व्यापक दावों ने प्रतिस्पर्धी दावेदारों ब्रुनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, ताइवान और वियतनाम को विरोध करने पर मजबूर किया है। इस महीने की शुरूआत में, मलेशिया ने उसके हवाई क्षेत्र के आरोप में चीनी विमान को रोकने के लिए जेट विमानों को आगे भेजा था। अपने आर्थिक क्षेत्र में फिलीपींस ने चीनी जहाजों की लगातार मौजूदगी का विरोध किया है। चीन से खतरों को देखते हुए, वियतनाम ने अपने समुद्री बलों का विस्तार किया और इंडोनेशिया ने अपनी नौसेना को मजबूत करने का फैसला किया है। एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) के रक्षा मंत्रियों की आठवीं बैठक को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी ऑर्डर का आह्वान करता है, जो राष्ट्रों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए सम्मान पर आधारित है। इस वर्ष ब्रुनेई की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक के लिए मंत्री ऑनलाइन एकत्र हुए। मंत्री ने कहा, भारत ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए दृष्टिकोण और मूल्यों के आधार पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने सहकारी संबंधों को मजबूत किया है। रक्षा मंत्री ने कहा, समुद्री सुरक्षा चुनौतियां भारत के लिए चिंता का एक अन्य क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा, भारत इन अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों में नेविगेशन, ओवर फ्लाइट और अबाधित वाणिज्य की स्वतंत्रता का समर्थन करता है। भारत को उम्मीद है कि आचार संहिता की वार्ता से ऐसे परिणाम निकलेंगे जो समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होंगे –आईएएनएस आरएचए/आरजेएस

Advertisementspot_img

Also Read:

सुस्मित सेन ने Indian Ocean के सदस्यों के खिलाफ केस कर दिया, ये गंभीर आरोप लगाया है

नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। इंडियन ओशन के पूर्व गिटारिस्ट सुस्मित सेन ने कंपनी 'कंदीसा म्यूजिक प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड' का नाम लेते हुए राहुल राम...
spot_img

Latest Stories

अब राशन की दुकान से भी बन जाएगा Ayushman Card, जानें ऑनलाइन और ऑफलाइन आसान तरीका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के...

Fulbright Nehru Masters Fellowship: अमेरिका में पढ़ाई का सुनहरा मौका, फीस से लेकर फ्लाइट तक सब फ्री

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। विदेश में पढ़ाई करना हर छात्र...

CSK को बड़ा झटका! अगले मैच में MS Dhoni के खेलने पर सस्पेंस

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। IPL 2026 के बीच Chennai Super...

मौसम के बदलाव से बिगड़ सकती है सेहत, इन बातों का रखें खास ध्यान

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मौसम में काफी बदलाव देखने...

Exit Poll पर सख्ती: 9 से 29 अप्रैल तक बैन, नियम तोड़ने पर 2 साल की जेल और देना होगा जुर्माना

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश में चल रहे विधानसभा चुनावों...

Iran-US Ceasefire: ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्ध विराम, अब इस चीजों के दाम गिरने तय

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। ईरान और अमेरिका के बीच हालिया...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵