नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । संसद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर दिए गए अपने बयान के कारण कांग्रेस नेता सोनिया गांधी मुश्किलों में घिर गई हैं। उनके खिलाफ बिहार की एक अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई है। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की एक अदालत में शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बारे में ‘गरीब महिला’ वाला बयान देने के लिए सोनिया गांधी के खिलाफ परिवाद दायर किया गया। मुजफ्फरपुर के वकील सुधीर ओझा ने सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि पुलिस को राष्ट्रपति का अपमान करने के लिए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाए।
वकील सुधीर ओझा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि उन्हें भी सह-आरोपी बनाया जाना चाहिए। मुजफ्फरपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत दर्ज कराने के बाद ओझा ने संवाददाताओं से कहा, “सोनिया गांधी ने ‘गरीब महिला’ टिप्पणी करके राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान किया है।” यह देश की सर्वोच्च संवैधानिक सत्ता का अपमान है। इसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सह-आरोपी हैं। उन्होंने मांग की है कि उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सोनिया गांधी ने क्या कहा?
अदालत अब इस मामले की सुनवाई 10 फरवरी को करेगी। दरअसल, संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद सदन के बाहर पत्रकारों ने सोनिया गांधी से राष्ट्रपति मुर्मू के घंटे भर के भाषण के बारे में पूछा था। इस पर सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति जी अपना भाषण देते समय बहुत थक गई थीं और बहुत मुश्किल से बोल पा रही थीं, बेचारी। ’’
राष्ट्रपति कार्यालय से उत्तर
सोनिया गांधी के इस बयान पर राष्ट्रपति कार्यालय ने भी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि सोनिया गांधी का बयान अस्वीकार्य है।
भाजपा की आलोचना
सोनिया गांधी और राहुल गांधी की इस आलोचना का भाजपा ने भी जवाब दिया। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि उन्होंने देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान किया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस आलोचना ने राजनीति के गंदे नाले और कांग्रेस के चरित्र को उजागर कर दिया है। गांधी परिवार यह बर्दाश्त नहीं कर सकता कि गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन हो। ये अपमान हर भारतीय का अपमान है, हर आदिवासी का अपमान है, हर महिला का अपमान है। यह देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”





