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Tuesday, March 10, 2026
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अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलों का CBI के पास नहीं था कोई काट, इसलिए अरविंद केजरीवाल को मिल पाई जमानत

आज सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल गई है। केजरीवाल की जमानत में उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी की मजबूत दलीलों का बड़ा हाथ रहा।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली के कथित शराब नीति घोटाला मामले को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। पिछले 35 दिनों में दिल्ली के कथित शराब नीति मामले में गिरफ्तार 4 नेता जेल से छूट चुके हैं। जिसमें मनीष सिसोदिया, के. कविता, विजय नायर और अब अरविंद केजरीवाल शामिल हैं। इन नेताओं को जेल से छुड़ाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका किसी कि है तो वो है उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी की है। अभिषेक मनु सिंघवी की मजबूत दलीलों का CBI के पास कोई जवाब नहीं था। जिसकी वजह से अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं को जमानत मिल पाई है। आज सिंघवी ने कौन-कौन सी दलीलें दी, जिसकी वजह से केजरीवाल को जमानत मिल पाई। आइये जानते हैं।

CBI के काम करने के तरीके पर उठाये सवाल

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सीएम के वकील Abhishek Manu Singhvi ने CBI के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि CBI तब एक्टिव हुई जब राउज ऐवेन्यू कोर्ट से दिल्ली सीएम को जमानत मिली। कोर्ट में सिंघवी ने दलील दी कि जब लोअर कोर्ट से अरविंद केजरीवाल को जमानत मिली, तब CBI सक्रिय हुई और जेल से अरविंद केजरीवाल को कोर्ट लाई और उन्हें गिरफ्तार किया।

‘जांच में सहयोग का मतलब ये नहीं कि अपराध कबूल करे’

सुप्रीम कोर्ट में CBI के द्वारा अरविंद केजरीवाल पर लगाए गए आरोपों को लेकर भी Abhishek Manu Singhvi ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। CBI ने अरविंद केजरीवाल पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। जिसपर उन्होंने (अभिषेक मनु सिंघवी) CBI के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच में सहयोग करने का ये मतलब नहीं कि आरोपी खुद को दोषी ठहराए और अपराधों को कबूल करें।

जल्दबाजी में की गई गिरफ्तारी- सिंघवी

सुप्रीम कोर्ट में अरविंद केजरीवाल मामले की सुनवाई के दौरान Abhishek Manu Singhvi ने दलील दी कि ‘CBI ने अऱविंद केजरीवाल को FIR दर्ज होने के दो सालों तक गिरफ्तार नहीं किया, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनकी रिहाई को रोकने के लिए जल्दबाजी में उनकी बीमा गिरफ्तारी की।’ उन्होंने कहा कि सीबीआई ने केजरीवाल को उनके असहयोग और मामले को टालने के लिए गिरफ्तार किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में ऐसे कई फैसले हैं जिसमें कहा गया है कि जांच में सहयोग करने का मतलब ये नहीं होना चाहिये कि आरोपी खुद को दोषी ठहराये और अपने अपराधों को कबूल करे।

10-10 लाख रुपये के दो मुचलके पर हुई जमानत

बता दें कि, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले से जुड़े कथित घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। उन्हें 10-10 लाख रुपये के दो मुचलके जमा करने के बाद जमानत मिली है। इसके अलावा उन्हें केस को लेकर कहीं भी सार्वजनिक टिप्पणी करने पर रोक लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को कहा है कि वो केस में सहयोग करें। 

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