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Monday, March 16, 2026
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पूर्व केंद्रीय मंत्री SM Krishna का 92 साल में निधन,कर्नाटक में राजकीय शोक की घोषणा, PM मोदी ने जताया दुख

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री, विदेश मंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एसएम कृष्णा का निधन हो गया। उन्होंने 92 साल की उम्र में अपने बेंगलुरु स्थित आवास पर सुबह 2:45 बजे अंतिम सांस ली।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री, विदेश मंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एसएम कृष्णा का निधन हो गया। उन्होंने 92 साल की उम्र में अपने बेंगलुरु स्थित आवास पर सुबह 2:45 बजे अंतिम सांस ली। कर्नाटक सरकार ने उनके सम्मान में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एसएम कृष्णा के निधन पर गहरा दुख जताते हुए शोक संवेदना व्‍यक्‍त की है। परिवार ने जानकारी दी कि सोमना हल्ली मल्लैया कृष्णा का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए मड्डूर ले जाया जाएगा। गौरतलब है कि वे पांच दशकों से भी अधिक समय तक राजनीति में सक्रिय रहे। उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए अपनी सेवा दी है। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है। 

पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्‍स पर पोस्‍ट कर जताया दुख 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एसएम कृष्णा के निधन पर गहरा दुख व्‍यक्‍त किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा कि “श्री एसएम कृष्णा जी एक असाधारण नेता थे, जिनकी सभी क्षेत्रों के लोग प्रशंसा करते थे। उन्होंने हमेशा दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए हैं। उन्हें कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के लिए, विशेषकर बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए याद किया जाता है। वे एक प्रखर पाठक और विचारक भी थे।”

एस.एम. कृष्णा का ऐसा रहा राजनीतिक सफर

एस एम कृष्णा का जन्म 1932 में हुआ था। वे वर्ष 1999 से 2004 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे और वर्ष 2004 से 2008 तक महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे। 22 मई 2009 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कृष्णा को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया था। उन्‍हें 23 मई 2009 विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मार्च 2017 में एसएम कृष्णा कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हो गए थे। 

2023 में मिला था पद्म विभूषण सम्‍मान 

एस.एम. कृष्णा अपने बाद पत्नी प्रेमा और दो बेटियां- मालविका और शांभवी को छोड़ गए हैं। उनकी असाधारण सेवा और योगदान के लिए 2023 में सरकार ने उन्‍हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। उनके निधन से कर्नाटक और भारत ने एक ऐसे नेता को खो दिया है जिन्होंने राजनीति, कूटनीति और प्रशासन के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया है।

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