back to top
21.1 C
New Delhi
Tuesday, April 7, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

‘उल्फा’ पर मोदी सरकार की सख्‍ती, अगले पांच साल के लिए बढ़ाया गया प्रतिबंध

भारत में उग्रवादी समूहों से निपटने के लिए केंद्र की मोदी सरकार सख्‍त कदम उठा रही है, और देश के अंदर वामपंथी विचारधारा को पनपने न देने पर सचेत है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्‍क । केंद्र की मादी सरकार आतंकवाद और उग्रवाद पर लगातार सख्‍त कदम उठा रही है, जिसके कि परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। कई राज्‍यों से जहां एक ओर नक्‍सलवाद अपना बोरिया-बिस्‍तर समेटता हुआ दिखाई दे रहा है तो पूर्वोत्‍तर एवं अन्‍य राज्‍यों से उग्रवाद भी कम हो रहा है । इसी तरह से इस्‍लामिक आतंकवाद पर लगातार हो रही प्रभावी कार्रवाई से देश में बहुत हद तक शांति की स्‍थ‍िति देखने को मिल रही है ।

इसी शांति को असम एवं उसके आस-पास के राज्‍यों में बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने असम को भारत से अलग करने और जबरन वसूली और हिंसा के लिए अन्य विद्रोही समूहों के साथ संपर्क करने के उद्देश्य से अपना काम जारी रखने वाले विद्रोही संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) पर प्रतिबंध को अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया है।

पहली बार 1990 में प्रतिबंधित संगठन घोषित किया 

गौरतलब है कि “उल्फा” को पहली बार 1990 में प्रतिबंधित संगठन घोषित किया गया था। तब से प्रतिबंध को समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि उल्फा अपने सभी गुटों और प्रमुख संगठनों के साथ भारत की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल है। उल्फा ने असम को भारत से अलग करने का अपना उद्देश्य घोषित किया है। यहां रुपयों के लिए ये संगठन जबरन वसूली और धमकी देना जारी रखता हुआ अब भी कई बार पकड़ा जाता है ।

“उल्‍फा” पर भारत में पूर्ण प्रतिबंध आगे भी जारी रहेगा

 इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि हिंसा को अंजाम देने के लिए उसके अन्य विद्रोही समूहों के साथ संबंध हैं। संगठन, जो 27 नवंबर, 2019 और 1 जुलाई, 2024 के बीच असम में विस्फोटों या तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों के कई मामलों सहित 16 आपराधिक मामलों में शामिल है, उसके पास अवैध हथियार और गोला-बारूद है और उसने अब तक पूरे असम में कई विस्फोट किए हैं। ऐसे संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) पर भारत में पूर्ण प्रतिबंध आगे भी जारी रहेगा। 

पुलिस या सुरक्षा बलों की कार्रवाई में तीन उल्फा कैडर की मौत 

ज्ञात हो कि पिछले पांच वर्षों में पुलिस या सुरक्षा बलों की कार्रवाई में तीन उल्फा कैडर मारे गए हैं। गृह मंत्रालय ने कहा कि उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ 15 मामले दर्ज किए गए हैं, तीन आरोपपत्र दायर किए गए हैं और तीन कार्यकर्ताओं पर मुकदमा चलाया गया है। उल्फा 27 अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल था, इसके 56 कैडरों को गिरफ्तार किया गया और 63 कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया। उल्फा सदस्यों के पास से 27 हथियार, 550 राउंड गोला-बारूद, नौ ग्रेनेड और दो तात्कालिक विस्फोटक उपकरण बरामद किए गए। गृह मंत्रालय का कहना है कि असम सरकार ने इस बात की सिफारिश की है कि उल्फा को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के प्रावधानों के अंतर्गत एक अवैध संगठन घोषित किया जा चुका है। राज्‍य में इस पर प्रतिबंध लगाए रखना शांति बनाए रखने के लिए अनिवार्य है ।

Advertisementspot_img

Also Read:

असम में PM मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- शाही परिवार की हार की लगेगी सेंचुरी

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। असम में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल तेज हो गया है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बरपेटा...
spot_img

Latest Stories

ATM Transaction Fail: ATM से पैसा कटा पर कैश नहीं मिला? जानिए कैसे करें शिकायत और पाएं मुआवज

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। ATM से पैसे निकालते समय कई...

RR vs MI: बारिश का खतरा या पूरा मैच? गुवाहाटी वेदर रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Indian Premier League 2026 के 13वें...

CBSE 10th Result 2026: जल्द जारी हो सकता है रिजल्ट, इन 4 तरीकों से तुरंत करें चेक

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 (CBSE...

Assam Election 2026: घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर करेंगे, असम में गरजे अमित शाह, बोले- पहचान हो चुकी है

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने...

Iran-Israel War: पाकिस्तान में ‘लॉकडाउन जैसे हालात’, रात 8 बजे बंद होंगे बाजार-मॉल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। ईरान युद्ध (Iran-Israel War) के असर...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵